असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, दो दिग्गज नेताओं ने दिया इस्तीफा
असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के दो प्रमुख नेता प्रद्युत बोरदोलोई और नवज्योति तालुकदार ने इस्तीफा देकर राजनीति हलचल तेज कर दी है.

नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है.इंडियन नेशनल कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसके दो प्रमुख नेताओं ने अचानक इस्तीफा दे दिया, जिससे पार्टी की रणनीति पर असर पड़ना तय माना जा रहा है.
नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार के इस्तीफे ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब चुनाव सिर पर हैं और पार्टी पहले से ही आंतरिक असंतोष से जूझ रही है.
नवज्योति तालुकदार का इस्तीफा
नवज्योति तालुकदार ने मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे अपने पत्र में पार्टी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने लंबे समय से चली आ रही असंतुष्टि, समन्वय की कमी और शिकायतों के समाधान न होने को इस्तीफे की वजह बताया.
उन्होंने लिखा: "मैं नवज्योति तालुकदार तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद, एआईसीसी सदस्य पद तथा प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं. इसे इस मामले पर मेरा अंतिम संदेश समझें. मुझे उम्मीद है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा और मेरी सभी जिम्मेदारियां बिना देरी के समाप्त कर दी जाएंगी."
प्रद्युत बोरदोलोई ने भी छोड़ा साथ
नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भी अपने इस्तीफे में गहरा दुख जताया. उन्होंने लिखा: "अत्यंत दुख के साथ, मैं आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं."
टिकट बंटवारे को लेकर बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर टिकट वितरण और उम्मीदवार चयन को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा था. बोरदोलोई ने लाहोरीघाट सीट के संभावित उम्मीदवार को लेकर आपत्ति जताई थी और पहले ही इस्तीफे की चेतावनी दे चुके थे.
लगातार तीसरा बड़ा झटका
यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए लगातार तीसरा बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे पहले भूपेन कुमार बोरा भी पार्टी छोड़ चुके हैं, जिससे संगठन की स्थिति और कमजोर होती दिख रही है.
मुकाबला हुआ दिलचस्प
भारत निर्वाचन आयोग ने असम विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. राज्य की सभी 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को मतगणना की जाएगी.
भाजपा की नजर तीसरी जीत पर
हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस वापसी की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरी है.
पिछले चुनावों के आंकड़े
2021 में एनडीए ने 75 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसमें भाजपा को 60 सीटें मिली थीं. वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगियों को केवल 16 सीटों से संतोष करना पड़ा था. 2016 में भी भाजपा ने 60 सीटों के साथ सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 26 और एआईयूडीएफ को 13 सीटें मिली थीं.


