केरल की सियासत में कांग्रेस का यू-टर्न, मणिशंकर अय्यर के बयान से बनाई आधिकारिक दूरी

कांग्रेस ने मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान से स्पष्ट रूप से दूरी बना ली है. अय्यर ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर कहा था कि वह आगे भी राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

कांग्रेस पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान से स्पष्ट रूप से दूरी बना ली है. अय्यर ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर कहा था कि वह आगे भी राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. कांग्रेस ने इस टिप्पणी को अय्यर की व्यक्तिगत राय बताते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उनका पार्टी से कोई औपचारिक संबंध नहीं है और वह अपने निजी विचार ही व्यक्त करते हैं. 

कांग्रेस ने जनता पर जताया भरोसा 

कांग्रेस ने भरोसा जताया कि केरल की जनता बेहतर और जवाबदेह शासन के लिए संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को फिर से सत्ता में लाएगी. दरअसल, केरल विधानसभा चुनाव से पहले अय्यर ने रविवार को यह टिप्पणी की थी कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता विजयन मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर अब पार्टी की ओर से अधिकृत रूप से कोई बयान नहीं देते. उन्होंने स्पष्ट किया कि अय्यर के विचार पूरी तरह से व्यक्तिगत हैं और उन्हें कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए.

इस मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि केरल के लोग अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील शासन चाहते हैं और उन्हें विश्वास है कि यूडीएफ फिर से सत्ता में वापसी करेगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी के बीच परोक्ष रूप से सहयोग मौजूद है, जिसे जनता समझती है.

अय्यर ने तिरुवनंतपुरम में दिया था बयान 

अय्यर ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित “विजन 2031: डेवलपमेंट एंड डेमोक्रेसी” नामक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में यह बयान दिया था. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजयन भी मौजूद थे. अपने संबोधन में अय्यर ने केरल की पंचायती राज व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इसे कानूनी रूप से और मजबूत करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने जिस लोकतांत्रिक भारत का सपना देखा था, उसमें आम नागरिकों की भागीदारी अहम होनी चाहिए और केरल ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है.

अय्यर ने यह भी कहा कि पंचायती राज व्यवस्था के मामले में केरल देश के अन्य राज्यों से आगे है और इसने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की विकेंद्रीकरण की परिकल्पना को भी काफी हद तक साकार किया है. हालांकि, कांग्रेस ने अय्यर के बयान से असहमति जताते हुए दोहराया कि पार्टी का लक्ष्य आगामी चुनाव में यूडीएफ को मजबूत करना और राज्य में बेहतर शासन स्थापित करना है.

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