कर्तव्य पथ पर आज भारत की ताकत, परंपरा और टेक्नोलॉजी का महाशो
भारत 77वां गणतंत्र दिवस कर्तव्य पथ पर मना रहा है, जिसमें सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और तकनीकी प्रगति का भव्य प्रदर्शन होगा. इस अवसर पर यूरोपीय संघ के नेताओं की उपस्थिति और कड़े सुरक्षा उपायों के बीच भारत अपनी एकता और आत्मनिर्भरता का संदेश दुनिया तक पहुंचाएगा.

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस ऐतिहासिक दिन का गवाह राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ बनेगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नेतृत्व में आयोजित होने वाली परेड में भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक धरोहर और तकनीकी प्रगति का अद्वितीय प्रदर्शन होगा. यूरोपीय संघ के उच्च पदस्थ नेताओं की उपस्थिति इस समारोह को अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाती है.
परेड की शुरुआत कब होगी?
यह परेड भारत की एकता, शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर पूरी दुनिया तक अपना संदेश पहुंचाएगी. परेड की शुरुआत सुबह 10:30 बजे होगी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पारंपरिक बग्गी में अपने मेहमानों के साथ कर्तव्य पथ तक पहुंचेंगी. राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी जाएगी और फिर स्वदेशी 105 मिमी तोपों से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. समारोह को और भव्य बनाने के लिए फूलों की वर्षा और सांगीतिक प्रस्तुतियां भी होंगी.
इस साल की परेड में भारत की रक्षा क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन होगा. ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, अर्जुन टैंक और सूर्यास्त्र रॉकेट लॉन्चर जैसी शक्तिशाली सैन्य तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा. खास बात यह है कि पहली बार भैरव लाइट कमांडो बटालियन और शक्तिबन रेजिमेंट परेड का हिस्सा बनेंगी. 61 कैवेलरी के जवान आधुनिक युद्ध साजो-सामान के साथ मार्च करेंगे, जो भारत की बढ़ती सैन्य ताकत को प्रदर्शित करेगा.
आसमान में शक्ति का प्रदर्शन
आसमान में शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन भी होगा, जब कुल 29 विमान फ्लाई-पास्ट करेंगे. इनमें राफेल, Su-30 MKI, मिग-29 और जगुआर जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान शामिल होंगे. इसके साथ-साथ C-130, C-295 और P-8i जैसे सैन्य विमान भी उड़ान भरेंगे, जो भारतीय वायुसेना की रणनीतिक क्षमता को उजागर करेंगे.
परेड में 17 राज्यों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों की 30 झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी, जो भारतीय संस्कृति और विकास के संगम को दर्शाएंगी. इन झांकियों में ‘वंदे मातरम’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर आधारित प्रदर्शनी दिखाई जाएगी, जिसमें लगभग 2,500 सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा भारतीय विविधताओं का चित्रण किया जाएगा.
गणतंत्र दिवस की इस विशेष परेड के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली में 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और सुरक्षा निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीकों जैसे एआई आधारित स्मार्ट चश्मे, फेस-रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है. यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति भारत की वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित करती है. इस समारोह के जरिए भारत अपनी शक्ति, संस्कृति और सुरक्षा को संतुलित तरीके से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा.


