अमेरिका में कुदरत का कहर: सालों का सबसे खतरनाक विंटर स्टॉर्म, करोड़ों लोग प्रभावित
अमेरिका के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में फैले भीषण शीतकालीन तूफान से 21 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के चलते 20 राज्यों में आपातकाल, लाखों घरों की बिजली गुल और हजारों उड़ानें रद्द हुई हैं.

वाशिंगटन: अमेरिका इस समय एक बेहद खतरनाक और व्यापक शीतकालीन तूफान की चपेट में है. देश के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में फैले इस तूफान ने सामान्य जीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. न्यू मैक्सिको से लेकर न्यू इंग्लैंड तक करीब 2,000 मील के विशाल इलाके में भारी बर्फबारी, जमा देने वाली बारिश, बर्फ की मोटी परत और जानलेवा ठंड देखने को मिल रही है. इस भीषण मौसम का असर करोड़ों लोगों पर पड़ा है और हालात को देखते हुए प्रशासन ने इसे हाल के वर्षों का सबसे गंभीर तूफान बताया है.
इस तूफान से करीब 21 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. तेज ठंड और बर्फ के कारण 8.5 लाख से ज्यादा घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिजली गुल हो चुकी है. इसके अलावा, हवाई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और 14,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं. हालात की गंभीरता को देखते हुए लगभग 20 राज्यों में आपातकाल घोषित किया गया है. लगातार शून्य से नीचे बने तापमान के कारण हाइपोथर्मिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है.
मौसम विभाग की सख्त चेतावनी
राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) ने इस तूफान को "अद्वितीय" बताते हुए बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की है. ओहियो घाटी से लेकर उत्तर-पूर्वी राज्यों तक भारी बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि निचली मिसिसिपी घाटी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में खतरनाक स्तर तक बर्फ जमने की आशंका है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह तूफान उन क्षेत्रों को भी प्रभावित कर रहा है जो आमतौर पर इतनी कठोर ठंड के आदी नहीं हैं. देश के आधे से अधिक हिस्सों में कई दिनों तक शून्य से नीचे तापमान बने रहने की संभावना है. तेज हवाओं के कारण ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं.
बिजली व्यवस्था चरमराई
दक्षिणी और आसपास के इलाकों में बिजली कटौती सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है. PowerOutage.us के अनुसार, टेनेसी में करीब 2.9 लाख लोग बिना बिजली के हैं. वहीं मिसिसिपी, टेक्सास और लुइसियाना में प्रत्येक राज्य में एक लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं. बर्फ जमने से पेड़ और बिजली की लाइनें टूट गई हैं, जिससे मरम्मत कार्य में भी दिक्कत आ रही है और बिजली बहाल होने में कई दिन लग सकते हैं.
हवाई और सड़क यातायात ठप
तूफान का असर विमानन क्षेत्र पर भी साफ दिख रहा है. फ्लाइट ट्रैकिंग एजेंसी के अनुसार, तीन दिनों में 14,800 से अधिक उड़ानें रद्द हुई हैं. प्रमुख एयरलाइंस ने बड़ी संख्या में अपनी सेवाएं रोकी हैं और हजारों उड़ानों में देरी हुई है. बंद रनवे और बर्फ हटाने की कठिनाइयों के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सड़कों पर हालात और भी खराब हैं. बर्फीली सतह के कारण कई अंतरराज्यीय राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है, क्योंकि कई इलाकों में सड़कों पर चलना बेहद जोखिम भरा हो गया है.
केंद्र और राज्यों की तैयारी
स्थिति से निपटने के लिए संघीय और राज्य एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं. आपातकालीन टीमें, राहत सामग्री और बचाव दल पहले से ही तैनात किए जा चुके हैं. लोगों को भोजन, ईंधन और जरूरी सामान का भंडारण करने की सलाह दी गई है. राज्य सरकारें अपने सभी संसाधनों के साथ हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी हुई हैं. यह शीतकालीन तूफान अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जहां आने वाले दिनों में मौसम सामान्य होने तक हालात कठिन बने रहने की आशंका है.


