गायब हुए पार्षद, उद्धव गुट ने शहर-शहर पोस्टर लगाकर सियासी दबाव बनाया
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव के बाद कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना (यूबीटी) के चार नवनिर्वाचित पार्षद लापता हैं, जिनसे पार्टी का संपर्क नहीं हो पा रहा है. इसे लेकर शिंदे गुट द्वारा दल-बदल की कोशिशों की अटकलें तेज हैं और पार्टी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के नतीजे आने के बाद भी राजनीतिक सरगर्मी थमने का नाम नहीं ले रही है. इसी बीच कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से जुड़ा एक मामला सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के चार नवनिर्वाचित पार्षद चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से अचानक लापता हो गए हैं.
क्या है पार्टी का दावा?
पार्टी का दावा है कि इन पार्षदों से न तो संपर्क हो पा रहा है और न ही उनके ठिकाने की कोई पुख्ता जानकारी मिल सकी है. इन पार्षदों की तलाश में शिवसेना (यूबीटी) ने अब सार्वजनिक तौर पर कदम उठाया है. पार्टी ने शहर के विभिन्न हिस्सों में पोस्टर लगवाए हैं, जिनमें मधुर म्हात्रे, कीर्ति धोने, राहुल कोट और स्वप्नाली केने की तस्वीरें लगाई गई हैं. बताया जा रहा है कि चुनाव जीतने के बाद से ये चारों अपने घरों से बाहर हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन जनप्रतिनिधियों को अपने मतदाताओं के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
सूत्रों के मुताबिक, इन पार्षदों के गायब होने के पीछे राजनीतिक खींचतान की आशंका जताई जा रही है. चर्चा है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना इन पार्षदों को अपने खेमे में शामिल करने की कोशिश कर रही है. इसी कारण ‘पोचिंग’ यानी दल-बदल की अटकलें तेज हो गई हैं.
महापौर पद के लिए 62 सीटों का बहुमत जरूरी
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की कुल 122 सीटों में से शिंदे गुट को 52 और बीजेपी को 51 सीटें मिली हैं. महापौर पद के लिए 62 सीटों का बहुमत जरूरी है. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) को 11 सीटें मिली थीं, लेकिन अब उनमें से चार पार्षदों के लापता होने से पार्टी की चिंता बढ़ गई है. अन्य दलों में एमएनएस को 5, कांग्रेस को 2 और एनसीपी (एसपी) को एक सीट हासिल हुई है.
गायब पार्षदों के परिजनों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. खेडेगोलाली इलाके से चुने गए मधुर म्हात्रे के पिता उमेश म्हात्रे ने कहा कि उनका बेटा परिवार के संपर्क में है, लेकिन फिलहाल अपनी लोकेशन साझा नहीं कर सकता. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी दूसरे राजनीतिक दल से हाथ मिलाने की बात पूरी तरह गलत है. वहीं, डोंबिवली से निर्वाचित कीर्ति धोने भी अपने घर पर मौजूद नहीं हैं और स्थानीय लोगों को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है.
शिवसेना (यूबीटी) के कल्याण शहर अध्यक्ष बाला परब ने कहा कि पार्टी कुछ पार्षदों के संपर्क में है और संभव है कि वे किसी निजी कारण से बाहर गए हों. हालांकि उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि कोई पार्षद शिंदे गुट में शामिल होता है, तो पार्टी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और अयोग्यता की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.


