ट्रंप के करीबी सांसद की ऑडियो लीक, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा खुलासा

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है.जिसमे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ का ऑडियो लीक हुआ है, जिसमें भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट के पीछे के कारणों की जानकारी दी गई है और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के नाम भी बताए गए हैं.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच जिस ट्रेड डील को कभी बेहद करीब माना जा रहा था, वह पिछले कई महीनों से ठंडे बस्ते में पड़ी है. कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों देशों के बीच अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है, जिससे अटकलों का बाजार लगातार गर्म बना हुआ है.

इसी बीच अब इस डील को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. एक रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सांसद टेड क्रूज की कथित लीक ऑडियो का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अटकने के पीछे की वजह और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के नाम बताए हैं.

एक्सियोस की रिपोर्ट और लीक ऑडियो का दावा

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद टेड क्रूज ने कुछ पार्टी डोनर्स के साथ फोन कॉल पर बातचीत की थी. बताया जा रहा है कि इसी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग लीक हो गई है, जिसने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

नवारो और जेडी वेंस पर लगाए आरोप

लीक ऑडियो के मुताबिक, टेड क्रूज ने बातचीत के दौरान वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भारत-अमेरिका ट्रेड डील पटरी से उतरने का बड़ा कारण बताया.

इतना ही नहीं, उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को भी इस व्यापार समझौते में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया.

नवारो और जे डी वेंस असली विलेन

क्रूज की कथित फोन कॉल रिकॉर्डिंग के अनुसार, टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर ने समर्थकों से कहा कि वह भारत के साथ व्यापार समझौता पक्का करने के लिए वाइट हाउस से लड़ रहे हैं.जब एक डोनर ने उनसे पूछा कि अमेरिकी प्रशासन में कौन इस समझौते का विरोध कर रहा है, तो क्रूज ने नवारो, जेडी वेंस और ट्रंप का नाम लिया.

हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से इस ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका.
गौरतलब है कि नवारो और वेंस पहले भी कई मौकों पर भारत-विरोधी बयान दे चुके हैं और उन्होंने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद का हवाला देते हुए भारी टैरिफ लगाए जाने का समर्थन किया है.

टैरिफ को लेकर ट्रंप को किया था आगाह

रिपोर्ट के मुताबिक, टेड क्रूज ने यह भी बताया कि उन्होंने और कई अन्य रिपब्लिकन सीनेटरों ने पिछले साल अप्रैल में दुनिया भर के देशों पर 'लिबरेशन डे टैरिफ' लगाने से ट्रंप को रोकने की कोशिश की थी.

क्रूज ने ट्रंप को चेताया था कि टैरिफ से कीमतें बढ़ेंगी, आम अमेरिकियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा और इसका असर 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान के रूप में देखने को मिल सकता है. हालांकि, ट्रंप ने इन सांसदों की बात नहीं मानी.

कई महीनों से अटकी भारत-अमेरिका बातचीत

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कई महीनों से अनिश्चितता बनी हुई है. इस बीच अमेरिका, भारत से आयातित उत्पादों पर लगभग पांच महीनों से 50 प्रतिशत टैरिफ वसूल रहा है.टैरिफ लागू होने से पहले ही दोनों देशों के अधिकारियों के बीच व्यापार वार्ता शुरू हो चुकी थी. बीते साल फरवरी में बातचीत को हरी झंडी मिलने के बाद मार्च-अप्रैल में औपचारिक वार्ता शुरू हुई, लेकिन अब तक किसी सहमति पर बात नहीं बन सकी है.

मोदी-ट्रंप रिश्तों पर क्या बोले राष्ट्रपति

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और दोनों देशों के बीच जल्द ही व्यापार समझौता हो सकता है.
इस सप्ताह की शुरुआत में दावोस में भी ट्रंप ने इसी तरह का बयान दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी अलग नजर आ रही है.

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