ओवैसी का नेतन्याहू पर वार, कहा- दुनिया का सबसे बड़ा गुंडा
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को "दुनिया का सबसे बड़ा गुंडा" कहकर पीएम मोदी पर उनकी तारीफ करने का आरोप लगाया. ओवैसी ने कुलभूषण जाधव मामले का उदाहरण देकर अंतरराष्ट्रीय अदालत में नेतन्याहू के खिलाफ जारी वारंट का भी हवाला दिया.

हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर कड़ा बयान दिया है. शनिवार को जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने नेतन्याहू को दुनिया का सबसे बड़ा गुंडा करार दिया और कहा कि “अल्लाह उन्हें देख लेगा.” ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह ऐसे शख्स की तारीफ कर रहे हैं, जिस पर अंतरराष्ट्रीय अदालत ने वारंट तक जारी किया है.
मोदी की पोस्ट का हवाला
ओवैसी ने पीएम मोदी की उस पोस्ट का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गाज़ा शांति योजना की प्रगति पर बधाई दी थी और नेतन्याहू की नेतृत्व क्षमता की सराहना की थी. ओवैसी ने सवाल उठाया कि “नेतन्याहू ने अब तक 65 हजार लोगों की जान ली है, जिनमें 20 हजार बच्चे शामिल हैं. 12 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं और भारत के प्रधानमंत्री उनकी लीडरशिप की तारीफ कर रहे हैं, आखिर क्यों?”
“अल्लाह देख लेगा”
AIMIM प्रमुख ने कहा कि नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने भी कार्रवाई की है. इसके बावजूद प्रधानमंत्री उनकी प्रशंसा कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम इसकी निंदा करते हैं. अल्लाह देख लेगा नेतन्याहू को, इंशाअल्लाह.” ओवैसी ने कहा कि मोदी की यह प्रशंसा केवल राजनीति नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को भी प्रभावित करती है.
कुलभूषण मामले से तुलना
अपने भाषण में ओवैसी ने कुलभूषण जाधव मामले का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ने कुलभूषण को मौत की सजा देने का ऐलान किया था तो भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय अदालत गई और सज़ा को रुकवाया. उसी अदालत ने नेतन्याहू के खिलाफ भी वारंट निकाला है, लेकिन यहां हमारे प्रधानमंत्री उनकी तारीफ कर रहे हैं.”
पीएम मोदी की बातचीत का विवरण
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया था कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की. बातचीत में उन्होंने गाज़ा शांति समझौते और बंधकों की रिहाई पर हुई प्रगति का स्वागत किया. साथ ही गाज़ा के लोगों को मानवीय सहायता बढ़ाने पर सहमति जताई. पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि “दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप में आतंकवाद स्वीकार्य नहीं है.” इसके अलावा दोनों नेताओं ने व्यापार वार्ता में हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे भी करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई.
राजनीतिक हलचल
ओवैसी के इस बयान से भारतीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है. विपक्षी दल इसे अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सरकार की कथनी-करनी में फर्क बता रहे हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी केवल शांति प्रयासों को समर्थन दे रहे हैं.


