‘गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता’- मन की बात में पीएम मोदी का नया मंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने पर देश के युवाओं की सराहना करते हुए उन्हें इस यात्रा का असली नायक बताया.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश के स्टार्टअप आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि जनवरी 2016 में शुरू हुआ स्टार्टअप इंडिया अभियान आज एक ऐतिहासिक यात्रा का रूप ले चुका है. उन्होंने कहा कि जब इस पहल की शुरुआत की गई थी, तब यह भले ही आकार में छोटी लगती हो, लेकिन यह स्पष्ट था कि इसका असर देश के भविष्य और युवा पीढ़ी पर गहरा पड़ेगा. 

मन की बात में क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

प्रधानमंत्री ने इस पूरे सफर का श्रेय देश के युवाओं को देते हुए उन्हें इस बदलाव का असली नायक बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत ने दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने बताया कि आज भारतीय स्टार्टअप पारंपरिक सोच से आगे निकलकर ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनकी कल्पना दस साल पहले मुश्किल थी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष तकनीक, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक सेक्टरों में भारतीय स्टार्टअप तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मजबूत आधार बन चुका है. उन्होंने स्टार्टअप से जुड़े युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि जो युवा अपने विचारों को हकीकत में बदलने का साहस कर रहे हैं, वे देश की आर्थिक शक्ति को नई दिशा दे रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने की युवाओं से अपील 

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से विशेष अपील की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है और पूरी दुनिया की नजरें अब भारत पर टिकी हैं. ऐसे समय में सभी नागरिकों, खासकर उद्यमियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. उन्होंने वर्ष के लिए एक स्पष्ट लक्ष्य तय करते हुए गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश का मंत्र सिर्फ एक होना चाहिए- “गुणवत्ता, गुणवत्ता और केवल गुणवत्ता.” उन्होंने अपील की कि चाहे टेक्सटाइल हो, टेक्नोलॉजी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो या पैकेजिंग, हर क्षेत्र में भारतीय उत्पादों की पहचान उच्च गुणवत्ता से होनी चाहिए. उनका कहना था कि जब दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है तब ‘मेड इन इंडिया’ का अर्थ उत्कृष्टता और भरोसे का प्रतीक बनना चाहिए.

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