पीएम मोदी ने नॉन-वेज खाने वालों को लेकर संसद में कह दी बड़ी बात, सभी सदस्य रह गए हैरान

संसद में जारी शीतकालीन सत्र के पहले ही राज्यसभा का माहौल बेहद खास रहा. नए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपना दायित्व संभाला. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत करते हुए ऐसी बात बोल दी, जिसने सभी का ध्यान खींचा है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन राज्यसभा में माहौल खास रहा. नए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपना दायित्व संभाला, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान पीएम मोदी ने उनके जीवन से जुड़ा एक अहम जानकारी साझा किया, जिसने सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. 

राधाकृष्णन को काशी से मिली नॉन-वेज छोड़ने की प्रेरणा

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि राधाकृष्णन ने एक बार उनसे कहा था कि वे पहले नॉन-वेजिटेरियन थे. लेकिन काशी की पहली यात्रा, पूजा और मां गंगा के आशीर्वाद के बाद उनके भीतर एक संकल्प जागा और उन्होंने नॉन-वेज भोजन त्याग दिया. 

मोदी ने आगे साफ-साफ कहा, “नॉन-वेज खाने वाले बुरे हैं, मैं ऐसा नहीं बोल रहा हूं. लेकिन काशी का विचार उनके इस फैसले की प्रेरणा बना.” प्रधानमंत्री ने इस अनुभव को एक प्रेरक उदाहरण बताते हुए कहा कि सांसदों के जीवन में ऐसे बदलाव लोगों को सकारात्मक संदेश देते हैं.

साधारण पृष्ठभूमि से उपराष्ट्रपति पद तक का सफर

सीपी राधाकृष्णन को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनका उपराष्ट्रपति पद तक पहुंचना भारतीय लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका अनुभव और संतुलित नेतृत्व राज्यसभा की कार्यवाही को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाएगा. 

बात दें, सितंबर में राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए थे और पदेन राज्यसभा सभापति बने. पीएम मोदी ने कहा कि सदन का हर सदस्य उनकी गरिमा और सदन की परंपराओं का सम्मान करेगा. 

सांसदों ने किया नए सभापति का स्वागत

सदन के नेता जेपी नड्डा ने राधाकृष्णन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वे उच्च सदन का संचालन न्यायपूर्ण और कुशलता से करेंगे. 
उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उद्धरण याद दिलाया और कहा, “हमें जिम्मेदार सांसद बनना चाहिए, न कि गैरजिम्मेदार और आंदोलन करने वाला सदस्य.”

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सभापति का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों और सदन की मर्यादा के साथ खड़ी रहेगी. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राधाकृष्णन कांग्रेस के पूर्व सांसद सीके कुप्पुस्वामी के रिश्तेदार रहे हैं.

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