नस्लीय हिंसा के बाद पहली बार मणिपुर दौरे पर PM Modi, जानें इसके अहम पहलू
मई 2023 में मणिपुर में भड़की नस्लीय हिंसा के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस खूबसूरत राज्य का दौरा करेंगे. अपने इस दौरे में वे मैतेई समुदाय के गढ़ इंफाल और कुकी समुदाय के केंद्र चूड़ाचांदपुर में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. साथ ही वे वहां विशाल जनसभाओं को संबोधित कर लोगों से सीधा संवाद करेंगे.

PM Modi Manipur Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर के दो संवेदनशील जिलों चूड़ाचांदपुर और इंफाल के दौरे पर रहेंगे. यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मई 2023 से चल रहे जातीय संघर्ष के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला राज्य दौरा है. इस दौरान वे विकास परियोजनाओं की नींव रखेंगे. जनसभाओं को संबोधित करेंगे और संघर्ष से विस्थापित हुए लोगों से संवाद भी करेंगे. हालांकि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर अंतिम समय तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन शुक्रवार सुबह चूड़ाचांदपुर और इंफाल में अचानक लगे पोस्टरों और तैयारियों से स्थिति स्पष्ट हो गई.
प्रधानमंत्री का एक्स पोस्ट
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात एक्स पर लिखे कि मैं कल यानी 13 सितंबर को चूड़ाचांदपुर और इंफाल में कार्यक्रमों में भाग लूंगा. हम मणिपुर के समावेशी और सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान सड़क परियोजनाएं, राष्ट्रीय राजमार्ग, महिला छात्रावासों की आधारशिला रखी जाएगी और कई योजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा. प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर चूड़ाचांदपुर में बीएसएफ कैंप पर उतरेगा, जहां से वे 5 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए चूड़ाचांदपुर पीस ग्राउंड पहुंचेंगे. यहां 10,000 लोगों की क्षमता वाला मंच तैयार किया गया है. जिला प्रशासन की ओर से संघर्ष से विस्थापित लोगों को विशेष घेरे में बैठाने की व्यवस्था की गई है. उम्मीद है कि प्रधानमंत्री उनके साथ बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे.
सजावट पर हुआ विवाद
गुरुवार रात को युवाओं के एक समूह ने सजावट को फाड़ दिया, जिस पर पुलिस के साथ झड़प हुई. इसके बाद कुकी छात्र संगठन ने शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक जनता कर्फ्यू का ऐलान किया. वहीं, जॉइंट स्टूडेंट बॉडी ने पीस ग्राउंड के बाहर खाली ताबूतों को रख कर संघर्ष में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उन्हें हटा लिया गया.
पारंपरिक परिधानों में लोग
मीटिंग के बाद निर्णय लिया गया कि रोड शो और सभा में शामिल होने वाले लोग जनजातीय समुदायों के पारंपरिक वस्त्र पहनेंगे. कुकी-जो परिषद के अध्यक्ष हेनलियानथांग थांगलेट ने कहा कि जनजातीय निकायों को जनता को संगठित करने की जिम्मेदारी दी गई है. विभिन्न हितधारकों के साथ मीटिंग में उन्होने ने कहा कि अलग प्रशासन की हमारी मांग को पूरा करने का अधिकार उन्हीं के पास है.
इंफाल में जनसभा और सुरक्षा के इंतजाम
प्रधानमंत्री चूड़ाचांदपुर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे इंफाल के कंगला किले पहुंचेंगे, जहां जनसभा आयोजित होगी. सुरक्षा के लिहाज से किला शुक्रवार से आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है. यहां 15,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जिसमें विस्थापित लोग विशेष घेरे में मौजूद रहेंगे. मणिपुर की इस यात्रा के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, असम राइफल्स और सेना सहित करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. कोरकॉम सहित कुछ उग्रवादी संगठनों ने बहिष्कार का आह्वान किया है, जिसके चलते इम्फाल का इमा मार्केट और अन्य बाजार बंद रहेंगे.
भाजपा विधायक
यह एक सकारात्मक संकेत है. एक सुचारू यात्रा इस बात का संकेत होगी कि सरकार गठन के लिए उपयुक्त समय आ गया है. एनडीए विधायक, जो राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाकर लोकप्रिय सरकार की बहाली की मांग कर रहे हैं, इस यात्रा से आशान्वित हैं. दौरे के बाद असम रवाना होंगे प्रधानमंत्री. कंगला किले में जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी सीधे इंफाल हवाई अड्डे जाएंगे, जहां से वे असम के लिए उड़ान भरेंगे, जहां उनकी अगली योजनाएं निर्धारित हैं.


