भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सियासत तेज, राहुल गांधी की किसानों से मुलाकात, भाजपा का पलटवार

भारत-US अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है. राहुल गांधी ने किसानों के एक डेलीगेशन से मिलकर उनकी चिंताएं बताईं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इस मीटिंग को "सुनियोजित" बताया और कांग्रेस पर कन्फ्यूजन फैलाने का आरोप लगाया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद कार्यालय में किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी चिंताओं को सुना, जिसके बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.

इस बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने इसे "सुनियोजित" बताते हुए कांग्रेस नेता पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया. वहीं कांग्रेस का कहना है कि किसानों की आशंकाओं को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है.

17 किसान संगठनों ने जताई आशंका

सूत्रों के अनुसार, देशभर के 17 प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया. उन्होंने आशंका जताई कि प्रस्तावित व्यापार ढांचा मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे की खेती करने वाले किसानों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है.

किसान नेताओं ने समझौते के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय पर दबाव पड़ सकता है और कृषि क्षेत्र के सुरक्षा प्रावधान कमजोर हो सकते हैं.

भाजपा ने बैठक को बताया 'राजनीतिक'

X पर साझा किए गए एक पोस्ट में भाजपा ने बैठक की तस्वीर जारी करते हुए दावा किया कि उपस्थित कई लोग हरियाणा और पंजाब में कांग्रेस के सहयोगी दलों से जुड़े हैं.

पार्टी ने लिखा, "राहुल गांधी का एक और झूठ देश के सामने बेनकाब हो गया. जिसे किसानों के साथ बैठक बताया जा रहा था, वह वास्तव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा थी. राहुल गांधी ने इस देश की लगभग हर संस्था और समुदाय का राजनीतिकरण और अपमान किया है, और अब वे किसानों को भी नहीं छोड़ रहे हैं,"

पोस्ट में आगे कहा गया, "प्रस्तुत राजनीति वास्तविक नेतृत्व का स्थान नहीं ले सकती. देश ईमानदारी का हकदार है, न कि कांग्रेस के मनगढ़ंत बयानों और राजनीतिक हथकंडों का."

पीयूष गोयल ने आरोपों को बताया 'फर्जी और मनगढ़ंत'

बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने राहुल गांधी के आरोपों को "फर्जी" और "मनगढ़ंत" करार दिया.

वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि यह बैठक पार्टी कार्यकर्ताओं को किसान नेताओं के रूप में पेश कर एक कृत्रिम कथा गढ़ने की कोशिश थी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने व्यापार समझौते में किसानों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की है.

क्या है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता?

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते का उद्देश्य टैरिफ बाधाओं को कम करना है, साथ ही भारत की कृषि संबंधी संवेदनशीलताओं और अमेरिका की अधिक बाजार पहुंच की मांग के बीच संतुलन बनाना है.

समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क को 50 प्रतिशत तक के उच्च स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है. इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

सरकार का दावा है कि भारतीय कृषि उत्पादों का 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा इस समझौते से बाहर रखा गया है, जिससे किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा.

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