पंजाब अपने हक की लड़ाई लड़ेगा, राजधानी और हाई कोर्ट पर मान का साफ संदेश

गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के अधिकारों, विकास, निवेश, रोजगार और नशा विरोधी कार्रवाई को लेकर केंद्र को दो टूक संदेश दिया और अपनी सरकार का हिसाब रखा।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

गणतंत्र दिवस के मौके पर होशियारपुर में तिरंगा फहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सबसे पहले पंजाब के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से पंजाब को उसकी राजधानी और अलग हाई कोर्ट से वंचित रखा गया। मान के मुताबिक यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि संवैधानिक अन्याय है। उन्होंने याद दिलाया कि देश के कई छोटे राज्यों के पास अपनी हाई कोर्ट है। फिर भी पंजाब को यह हक नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का था और पंजाब का ही रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब अपने हकों से पीछे हटने वाला नहीं है। यह लड़ाई कानूनी और संवैधानिक दायरे में लड़ी जाएगी।

पंजाब के लिए चंडीगढ़ इतना अहम क्यों?

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं बल्कि पंजाब की पहचान का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर पंजाब के पानी, विश्वविद्यालय और राजधानी पर डाका डालने की कोशिश हुई। मान के मुताबिक पंजाब यूनिवर्सिटी और जल संसाधनों पर भी नजरें टिकी रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी साजिशें पहले भी नाकाम हुई हैं। आगे भी सफल नहीं होंगी। पंजाब ने देश को सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं। इसलिए उसके अधिकार छीने नहीं जा सकते। सरकार हर मंच पर पंजाब की आवाज उठाती रहेगी।

गुरुओं को कैसे सम्मान दे रही सरकार?

मुख्यमंत्री ने शासन को परंपरा और आस्था से जोड़ते हुए गुरुओं के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस ऐतिहासिक स्तर पर मनाया गया। इस अवसर पर श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया गया। मान ने कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक सम्मान भी है। उन्होंने ऐलान किया कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व भी बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। यह आयोजन राज्य स्तरीय होंगे। इससे सामाजिक समरसता मजबूत होगी।

गुरु रविदास जयंती कब और कैसे मनाई जाएगी?

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व 1 से 20 फरवरी 2027 तक मनाया जाएगा। इन दिनों राज्य भर में विशेष कार्यक्रम होंगे। सरकार इसमें समाज के हर वर्ग को जोड़ेगी। मान ने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश समानता और न्याय का है। पंजाब सरकार इस विचार को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल रस्म नहीं होते। ये समाज को दिशा देते हैं। आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।

कानून व्यवस्था में क्या बदला?

मुख्यमंत्री मान ने कानून व्यवस्था पर बात करते हुए नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों पर वार’ से हालात बदले हैं। नारको ड्रोन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हुई है। इसका असर जमीन पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। लोग सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार किसी दबाव में नहीं आएगी। अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।

आम लोगों की जिंदगी में क्या सुधार हुआ?

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और रोजगार पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि पंजाब में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। बिना रिश्वत 63 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गईं। यह भरोसे की सरकार का सबूत है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा फोर्स से हादसों में मौतों में 48 प्रतिशत से ज्यादा कमी आई है। यह एक बड़ा बदलाव है। आम लोगों की जान बची है। शासन अब कागजों तक सीमित नहीं है।

क्या पंजाब निवेश का नया केंद्र बन रहा है?

मुख्यमंत्री मान ने निवेश के आंकड़े रखते हुए कहा कि 2022 से अब तक 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। इससे 5.2 लाख रोजगार के मौके बने। उन्होंने बताया कि पंजाब निवेश सम्मेलन 13 से 15 मार्च तक होगा। इससे और निवेश आने की उम्मीद है। मान ने मनरेगा में किए गए बदलावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे अनुसूचित जाति और बेजमीन मजदूर प्रभावित हो रहे हैं। पंजाब सरकार उनके हक की लड़ाई भी लड़ेगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब झुकेगा नहीं।

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