पिछली सरकारों ने सरकारी संपत्तियां अपने चहेतों को कौड़ियों के मोल बेचीं; हमने वही संपत्तियां वापस हासिल कीं...CM भगवंत मान का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सलेरन डैम पर इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू कर पर्यटन को नई दिशा दी है. पर्यावरण-अनुकूल हट्स, कैफेटेरिया, खेल मैदान और एम्फीथिएटर से यह क्षेत्र आकर्षक पर्यटन स्थल बनेगा. सरकार का लक्ष्य पर्यटन के जरिए रोजगार बढ़ाना, राजस्व में इजाफा करना और कंडी क्षेत्रों की प्राकृतिक संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है.

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा सलेरन डैम पर शुरू की गई इको-टूरिज्म परियोजना राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस परियोजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है. प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र को विकसित कर सरकार इसे एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है.
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास की सोच
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से क्षेत्र के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है. पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से होटल प्रबंधन, गाइड सेवाओं, परिवहन, खानपान और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार राज्य में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दे रही है और पर्यटन क्षेत्र इसमें अहम भूमिका निभा सकता है.
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पर्यटन स्थल
सलेरन डैम इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट के तहत पर्यटकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है. यहां ठहरने के लिए पर्यावरण-अनुकूल हट्स, बैठने और भोजन के लिए कैफेटेरिया, बच्चों के लिए विशाल खेल मैदान और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए एम्फीथिएटर विकसित किया गया है. इन सुविधाओं के चलते यह स्थल परिवारों, युवाओं और प्रकृति प्रेमियों सभी के लिए आकर्षक बन सकेगा.
कंडी क्षेत्रों की अनदेखी संभावनाओं का विकास
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कंडी क्षेत्र लंबे समय तक विकास से वंचित रहे हैं, जबकि यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं. सरकार अब इन इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग किया जा सके. सलेरन डैम परियोजना इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे पूरे क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा.
पर्यटन से राजस्व और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती
इस परियोजना पर करीब 2.80 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और इससे हर साल लाखों रुपये के राजस्व की संभावना जताई गई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले भी जर्जर और खाली पड़े रेस्ट हाउसों को पुनर्जीवित कर चुकी है, जिससे राज्य को नियमित आय हो रही है. सलेरन डैम प्रोजेक्ट भी इसी तरह पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देगा.
भविष्य में पर्यटन का बड़ा केंद्र बनने की उम्मीद
भगवंत सिंह मान ने विश्वास जताया कि बुनियादी ढांचे में सुधार और योजनाबद्ध विकास के बाद सलेरन डैम आने वाले समय में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा. उन्होंने कहा कि सरकार राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. यह परियोजना पंजाब के विकास, रोजगार और पर्यावरण संतुलन का एक संतुलित उदाहरण बन सकती है.


