महिलाओं के बिना विकसित भारत अधूरा, राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बड़ा संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संविधान, लोकतंत्र और नारी शक्ति पर जोर दिया. उन्होंने आर्थिक प्रगति, जीएसटी सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा और महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया.

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए संविधान निर्माताओं को नमन किया और भारत के लोकतांत्रिक भविष्य में महिलाओं की भूमिका को बेहद अहम बताया. अपने संबोधन में उन्होंने अतीत की उपलब्धियों, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की.
गणतंत्र दिवस का महत्व
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन का अवसर भी है. यह दिन हमें यह सोचने का मौका देता है कि देश कहां से चला, आज कहां खड़ा है और आगे किस दिशा में बढ़ना चाहता है. उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया संविधान भारत को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करता है.
लोकतंत्र की मजबूत नींव
राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान को विश्व के सबसे बड़े गणराज्य की आधारशिला बताते हुए कहा कि इसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल मूल्यों को समाहित किया गया है. उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने दूरदर्शिता के साथ ऐसे प्रावधान किए, जिन्होंने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रवाद को मजबूती प्रदान की.
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही हमने अपने भविष्य की दिशा तय करने की जिम्मेदारी स्वयं संभाली. 26 जनवरी 1950 से भारत ने अपने संवैधानिक आदर्शों के मार्ग पर एक गणराज्य के रूप में आगे बढ़ना शुरू किया.
नारी शक्ति विकसित भारत की कुंजी
अपने संबोधन का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रपति मुर्मू ने महिला सशक्तिकरण को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में नारी शक्ति की भूमिका निर्णायक होगी. आज महिलाएं पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, जो एक समावेशी और समानता आधारित समाज का संकेत है.
हर क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाएं आज कृषि, उद्योग, विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और सशस्त्र बलों तक अपनी पहचान बना रही हैं. खेल जगत में भारतीय बेटियों ने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत, नेत्रहीन महिला टी20 विश्व कप और शतरंज विश्व कप के ऑल-इंडियन फाइनल का उल्लेख करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया.
आर्थिक प्रगति और सुशासन
राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और आम जनता के बीच की दूरी लगातार कम हो रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है.
GST और ‘एक राष्ट्र, एक बाजार’
उन्होंने जीएसटी को स्वतंत्रता के बाद का एक ऐतिहासिक आर्थिक सुधार बताया, जिसने “एक राष्ट्र, एक बाजार” की अवधारणा को साकार किया. हालिया सुधारों से जीएसटी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी और अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत
राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि इस अभियान में पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को निर्णायक रूप से ध्वस्त किया गया और रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी.


