एक्सपलेनर: राहुल गांधी के 'नफरत' की दुकान से कब खत्म होगी नफरत 

राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान में मोहब्बत को नहीं नफरत जरूर दिखती है और वो इसी को देश से लेकर विदेश में बेचते रहते हैं। राहुल गांधी को पीएम मोदी से इतना डर लगता है कि वो जाते तो अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर है लेकिन वहां भी अपने संसदीय क्षेत्र की समस्या को देखने के बजाए पीएम मोदी के बारे में बोलते नजर आते हैं। 

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Edited By: JBT Desk

राहुल गांधी दो दिन के दौरे पर रायबरेली में हैं और इस दौरान वो सभाएं कर रहे हैं, अपने क्षेत्र के लोगों से मिल रहे है, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में भी सिर्फ और सिर्फ पीएम मोदी ही याद आते हैं या यू कहें कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इतनी प्यार है कि वो उनकी चर्चा किए बिना रह नहीं पाते हैं। पिछले पांच दिनों से विदेश की यात्रा पर गए पीएम मोदी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिससे विदेश की धरती पर भारत का डंका बज रहा है

लेकिन देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी को तो यह सब भाता नही हैं। विदेश की धरती पर जा कर पीएम मोदी की आलोचना करना उनकी शगल में शुमार है, ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी का डर इस कदर राहुल गांधी के मन है कि वो हर समय मोदी के नाम की माला का जाप करना चाहते हैं। 

नेता विपक्ष की ये कैसी जिम्मेदारी ? 

लोकतंत्र की स्वस्थ्य व्यवस्था में किसी देश के नेता विपक्ष की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वो सरकार को सहयोग करे और जरूरत पड़ने पर उसकी हैल्दी आलोचना भी करे, लेकिन शायद राहुल गांधी ऐसे देश के नेता विपक्ष हैं जो इन सब मर्यादाओं को लांघ चुके हैं। राहुल गांधी जिस तरह के शब्दों और आचरण का इस्तेमाल प्रधानमंत्री के लिए करते है वो एक विनाशकारी मानसिकता को दर्शाता है और शायद यही वजह है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी की बागडोर जब उनके हाथों में दी गई तबसे पार्टी का बेड़ागर्क ही हो गया है.. 

देश के सबसे बड़े संगठन के लिए इतनी नफरत क्यों ?

हिन्दू और हिन्दूत्व की अलख जगाने वाला एक मात्र संगठन जिसकी पहचान विश्व स्तर पर है. उसको लेकर भी देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी इतनी नफरत रखते हैं कि वो उसे गद्दार तक कह देते है,लेकिन राहुल गांधी ये भूल जाते हैं कि देश की जनता गद्दार कौन है और इसकी परिभाषा क्या है ये अच्छी से तरह जानती है.

शायद यही वजह है कि सत्ता का स्वाद हर रोज कांग्रेस पार्टी और उनके लिए दूर होते जा रहा है। राहुल गांधी को शायद ये पता नहीं कि उनके पुरखों ने देश के साथ क्या किया। राहुल यह बताने में संकोच करते हैं कि देश का अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर आज भी क्यों चर्चा का केंद्र बना रहा है और इसके पीछे किसी कारिस्तानी है। 

आर्थिक तूफान का सच क्या है?

राहुल गांधी बार-बार देश की जनता को तथाकथित आगाह कर रहे हैं कि देश में आर्थिक तूफान आने वाला है। राहुल गांधी बार-बार यह नैरेटिव सेट करना चाह रहे हैं इस वक्त जो विश्व की स्थिति है उसके लिए पीएम मोदी जिम्मेदार है।  राहुल गांधी से यह पूछा जाना चाहिए कि क्या ईरान और अमेरीका के बीच चल रहे है युद्ध की पटकथा पीएम मोदी ने लिखी थी। राहुल गांधी से यह भी पूछा जाना चाहिए कि क्या रूस और यूक्रेन के बीच पिछले पांच सालों से चल रहा युद्ध प्रधानमंत्री मोदी की देन है।

राहुल गांधी से यह भी पूछा जाना चाहिए अमेरीका में जब तेल का भंडारन और सप्लाई बिल्कुल दुरूस्त है तो फिर वहां क्यों तेल के दाम बढ़ाए गए, जिस तरह राहुल  गांधी हाथों में माइक लेकर पीएम मोदी की आलोचना कर रहे हैं उन्हें उसी माइक से इन सवालों औऱ सच्चाई को बताना चाहिए तब देश की जनता मानेगी की देश का नेता विपक्ष वाकई निष्पक्ष और उन्हें सच में भारत से प्रेम है।     

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