राहुल गांधी को देश के इस बड़े अनुभवी नेता से सीखना चाहिए
कहते हैं बंद मुट्ठी लाख की खुल गई तो खाक की। देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी यह कौन और कैसे समझाए कि जब बात देश की सम्मान की हो तो वहां आलोचना नहीं सहयोग की अपेक्षा होती है।

देश के कद्दावर नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से राहुल गांधी को सीखना चाहिए कि हेल्थी राजनीति कैसे करनी चाहिए। राहुल गांधी को यह मालूम होना चाहिए कि लोकतंत्र आलोचना की जगह है लेकिन उसकी भी एक मर्यादा होती है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार खुलकर पीएम मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि पीएम देश के लिए काम कर रहे हैं और जब बात देश के सम्मान की हो तब राजनीतिक मतभेद बीच में नहीं लाना चाहिए। शरद पवार यहीं नहीं रूके उन्होने कहा कि भले ही हमारी राजनीतिक सोच पीएम नरेंद्र मोदी से अलग हो लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रधानमंत्री के रूप में वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भार की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी को यह कौन समझाए।
शरद पवार की गिनती देश के कद्दावर और अनुभवी नेता के रूप में होती है। शरद पवार देश की राजनीति को दिशा और दशा देने का मदा रखते हैं और शायद यही वजह है कि जब देश में चुनाव की बारी आती है तो चाहे वो महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव हो या फिर लोकसभा का चुनाव राहुल गांधी जैसे नेता उनको अनुसरण करते नजर आते हैं। शरद पवार ने देश की बात करते हुए कहा कि जब भी राष्ट्रीय हित में सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिले, तब सभी को साझा उद्देश्य के साथ आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के सम्मान को लेकर मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। लेकिन राहुल गांधी को कौन समझाएं राहुल गांधी ने तो और पीएम मोदी से मतभेद नहीं मनभेद कर लिया है। पवार पुणे स्थित लक्ष्मणराव गुट्टे रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन की ओर से आयोजित पूर्व राज्य और जिला पदाधिकारियों के सम्मान समारोह में बोल रहे थे।
पवार ने इंदिरा गांधी से जुड़ा किस्सा सुनाया
शरद पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद करते हुए उनसे जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। पवार ने कहा- सोवियत संघ के आधिकारिक दौरे के दौरान इंदिरा गांधी को लगा कि भारत के प्रधानमंत्री को उचित सम्मान नहीं दिया गया। पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए पवार ने कहा कि इंदिरा गांधी ने सोवियत अधिकारियों से कहा था- मैं भारत के 40 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती हूं। अगर उनकी प्रतिष्ठा का सम्मान नहीं होगा, तो मैं इसे कभी स्वीकार नहीं करूंगी।
2022 में भी पवार ने पीएम मोदी की तारीफ की थी
साल 2022 में मुंबई के एक कार्यक्रम में शरद पवार ने कहा था कि पीएम मोदी की प्रशासन पर अच्छी पकड़ है और यही उनका पक्ष काफी मजबूत है। शरद पवार ने PM के कामकाज की शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक बार जब वह कोई कार्य करते हैं तो वह इसे पूरा करना सुनिश्चित करते हैं। पवार ने कहा कि मोदी बहुत प्रयास करते हैं और काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का स्वभाव ऐसा है कि एक बार जब वह किसी भी कार्य को हाथ में लेते हैं, तो वह यह सुनिश्चित करेंगे कि जब तक वह काम अपने निष्कर्ष पर नहीं पहुंच जाता, तब तक वह नहीं रुकेगा।


