कट्टरपंथ रोकने के लिए सभी राज्यों में बनेगी विशेष यूनिट: गृह मंत्रालय की पहल
Anti Terrorism Policy: केंद्र सरकार युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से बचाने, आतंकी फंडिंग पर रोक लगाने और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के उद्देश्य से विशेष इकाइयां बनाने की तैयारी कर रही है. गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में एक सम्मेलन में नई नीति की घोषणा की थी. यह कदम न सिर्फ आतंकियों के सफाए के लिए बल्कि उनके पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए उठाया गया है.

Anti Terrorism Policy: आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने नई रणनीति बनाई है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, सभी राज्यों में विशेष आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) और कट्टरपंथ रोकने के लिए विशेष यूनिट्स का गठन किया जाएगा. यह कदम न सिर्फ आतंकियों के सफाए के लिए बल्कि उनके पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए उठाया गया है.
गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आयोजित आतंकवाद रोधी सम्मेलन में नई नीति की घोषणा की थी. इस नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से बचाना, आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाना और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करना है.
सभी राज्यों में आतंकवाद रोधी दस्ते की तैनाती
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, फिलहाल देश के 18 राज्यों में आतंकवाद रोधी दस्ते (ATS) या विशेष टास्क फोर्स (STF) सक्रिय हैं. नई नीति के तहत, सभी राज्यों में ऐसे विशेष दस्तों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी. इन दस्तों को एनएसजी (NSG) द्वारा अनुमोदित आधुनिक हथियारों से लैस किया जाएगा और उन्हें एनएसजी द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
कट्टरपंथ रोकने के लिए विशेष यूनिट
नई नीति के अंतर्गत, प्रत्येक राज्य में विशेष यूनिट्स का गठन किया जाएगा जो युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने से बचाने का काम करेंगी. इन यूनिट्स का उद्देश्य कट्टरपंथ फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करना और बहकावे में आए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना होगा.
वित्तीय खुफिया यूनिट
आतंकी फंडिंग को रोकने के लिए सभी राज्यों में विशेष वित्तीय खुफिया यूनिट्स (Financial Intelligence Units) भी बनाई जाएंगी. इनका काम संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना होगा.
बनाया जाएगा राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी ग्रिड
सभी राज्यों के आतंकवाद रोधी दस्तों को मिलाकर एक राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी ग्रिड बनाया जाएगा. इसके साथ ही, आतंकवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक मानक कार्यवाही प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की जा रही है.
नए साल में लागू होगी नई नीति
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नई आतंकवाद रोधी नीति पर राज्यों के साथ विचार-विमर्श अंतिम चरण में है. इस नीति को नए साल की शुरुआत में लागू किया जाएगा.


