अजीत पवार की विरासत आगे बढ़ाएंगी सुनेत्रा? उपमुख्यमंत्री पद के लिए नाम लगभग तय
एनसीपी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम आगे बढ़ाने की तैयारी में है. संभावना है कि वे अजीत पवार की खाली हुई सीट से चुनाव लड़कर राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएंगी.

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर नेतृत्व और सत्ता को लेकर नई कवायद शुरू हो चुकी है. पार्टी में उपमुख्यमंत्री पद के लिए दिवंगत नेता अजीत पवार की पत्नी और वर्तमान राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार का नाम आगे बढ़ाया जा सकता है. इस संभावित कदम को एनसीपी के भीतर चल रहे शक्ति संतुलन और भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
नरहरि जिरवाल ने क्या कहा?
एनसीपी के वरिष्ठ नेता और राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री नरहरि जिरवाल ने इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि आम लोगों की भावना है कि सुनेत्रा पवार को राज्य मंत्रिमंडल में अहम भूमिका मिलनी चाहिए. उनके अनुसार, जनता चाहती है कि पार्टी नेतृत्व सुनेत्रा पवार को सक्रिय रूप से सरकार में शामिल करे.
पार्टी सूत्रों का कहना है कि एनसीपी के कई दिग्गज नेताओं ने इस मुद्दे पर आंतरिक स्तर पर चर्चा शुरू कर दी है. वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने हाल ही में सुनेत्रा पवार से मुलाकात कर आगे की राजनीतिक दिशा पर विचार-विमर्श किया है. माना जा रहा है कि अजीत पवार के निधन से खाली हुई सीट से सुनेत्रा पवार के चुनाव लड़ने की पूरी संभावना है.
इस प्रस्ताव के तहत सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के नेता जल्द ही राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस प्रस्ताव और आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं. पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि इस फैसले से संगठन को नई मजबूती मिलेगी.
पार्टी के नेतृत्व को लेकर मंथन जारी
इस बीच, पार्टी के नेतृत्व को लेकर भी मंथन जारी है. सूत्रों का कहना है कि इस चरण में एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल संगठन की कमान संभाल सकते हैं. वहीं, एनसीपी (एसपी) के साथ संभावित विलय को लेकर बातचीत फिलहाल टाल दी गई है और इस पर बाद में विचार किया जाएगा.
बताया जा रहा है कि नगर निगम चुनावों के बाद से ही अजीत पवार एनसीपी (एसपी) के साथ एकजुट होने को लेकर बातचीत कर रहे थे. इस बीच, एक दुखद घटना में विमान हादसे के दौरान अजीत पवार और विमान में सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी, जिसने पार्टी को गहरे सदमे में डाल दिया.
एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर पूछे गए सवाल पर नरहरि जिरवाल ने कहा कि पार्टी के भीतर यह भावना मजबूत हो चुकी है कि अलग-अलग रहकर राजनीति करने का कोई लाभ नहीं है. उनके मुताबिक, सभी को साथ आकर आगे बढ़ना होगा.


