देश के विकास में आतंकवाद, अलगाववाद, बड़ी चुनौती... SCO समिट में PM मोदी बोले- आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं

चीन के तियानजिन में आयोजित SCO सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए दोहरे मापदंड को अस्वीकार्य बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है और सभी देशों को एकजुट होकर इससे लड़ना होगा. पीएम मोदी ने कनेक्टिविटी, सिक्योरिटी और अपोर्चुनिटी पर भारत की सोच रखी. साथ ही उन्होंने पुतिन संग मुलाकात में आपसी संबंध, व्यापार और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा का संकेत दिया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

PM Modi Speech: चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दूसरे दिन प्लेनरी सेशन का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान सभी सदस्य राष्ट्रों की 25वीं बैठक के बाद साझा घोषणापत्र जारी किया जाएगा. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त रुख को स्पष्ट किया और कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी देश का दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं होगा.

पीएम मोदी ने बताया SCO का अर्थ

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एससीओ को तीन स्तंभों पर आधारित बताया. उन्होंने कहा कि S का मतलब सिक्योरिटी, C का कनेक्टिविटी और O का अपॉर्च्युनिटी है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों से SCO ने यूरेशिया को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और भारत हमेशा से इसमें सकारात्मक योगदान देता रहा है.

आतंकवाद पूरी मानवता के लिए चुनौती
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को सिर्फ किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए साझा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार दशकों से इस संकट का सामना कर रहा है और हाल ही में पहलगाम हमले ने यह साबित कर दिया कि आतंकवाद किसी सीमा में बंधा नहीं है. मोदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी रूप या रंग का आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

दोहरे मापदंड पर कड़ा रुख...
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि पहलगाम हमला केवल भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला था. ऐसे में जो देश खुले तौर पर आतंकवाद का समर्थन कर रहे हैं, उन्हें कठोर संदेश देना आवश्यक है.

कनेक्टिविटी और विकास पर भारत का दृष्टिकोण
मोदी ने कनेक्टिविटी के मुद्दे पर कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता को दरकिनार कर बनाई गई परियोजनाएँ विश्वास खो देती हैं. उन्होंने भारत के प्रयासों का जिक्र करते हुए चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे जैसी पहल को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि ये प्रयास अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ भारत की कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगे.

भारत का सुधार और विकास मॉडल
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज "Reform, Perform और Transform" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि भारत ने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है और सभी सदस्य देशों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया.

मोदी और पुतिन की अहम मुलाकात
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की द्विपक्षीय मुलाकात भी तय है. लगभग 45 मिनट की इस बैठक में दोनों नेता आपसी संबंध, व्यापार और यूक्रेन युद्ध जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे. अमेरिकी टैरिफ का मसला भी वार्ता के एजेंडे में शामिल हो सकता है. पूरी दुनिया की नज़र इस मुलाकात पर टिकी हुई है.

यूक्रेन युद्ध पर बातचीत की उम्मीद
हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पीएम मोदी से फोन पर बातचीत कर तुरंत युद्धविराम की अपील की थी. ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी-पुतिन मुलाकात के दौरान इस मुद्दे पर शांति और कूटनीतिक समाधान निकालने पर ज़ोर दिया जाएगा.

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