पश्चिम बंगाल में EC बनाम TMC: SIR को लेकर अमर्त्य सेन को भी चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, अभिषेक बनर्जी ने लगाए आरोप

पश्चिम बंगाल के सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को एसआईआर नोटिस भेजकर परेशान किया. उन्होंने इसे भाजपा-ईसीआई गठजोड़ करार दिया, जबकि आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई के लिए नोटिस भेजकर आयोग बंगाल के नागरिकों को परेशान कर रहा है. अभिषेक का दावा है कि यह कदम केवल अमर्त्य सेन तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग पहले भी कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को इस तरह के नोटिस भेज चुका है.

अमर्त्य सेन पर एसआईआर नोटिस

अभिषेक ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को एसआईआर नोटिस भेजना बेहद दुखद है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमर्त्य सेन ने भारत के लिए वैश्विक सम्मान अर्जित किया और देश की पहचान को बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि अमर्त्य सेन ने देश का नाम दुनिया में रोशन किया, और इसके बावजूद उन्हें नोटिस भेजा गया. यह न केवल उनके व्यक्तित्व पर सवाल उठाने जैसा है, बल्कि यह पूरे देश के गौरव को भी ठेस पहुंचाने जैसा कदम है.

शमी और देव को भी भेजे गए नोटिस का हवाला

अभिषेक ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी और अभिनेता-राजनेता देव को भेजे गए एसआईआर नोटिस का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऐसे नोटिस किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति के लिए उचित नहीं हैं और यह केवल उन्हें बदनाम करने और परेशान करने की कोशिश है. अभिषेक ने रैली में कहा कि यदि एक नोबेल पुरस्कार विजेता, जिसने भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई, को बुलाया जा सकता है, तो आम नागरिकों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों का क्या होगा?”

टीएमसी का आरोप

टीएमसी सांसद ने चुनाव आयोग और भाजपा पर भी निशाना साधा. उनका कहना था कि एसआईआर नोटिस के माध्यम से भाजपा और चुनाव आयोग का गठजोड़ पश्चिम बंगाल के लोगों को परेशान करने और उन्हें डराने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. अभिषेक ने कहा कि एसआईआर नोटिस के नाम पर बंगाल के नागरिकों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा है. यह पूरी प्रक्रिया राजनीति से प्रेरित लगती है.

अमर्त्य सेन का नाम

अभिषेक ने रैली में आश्चर्य व्यक्त किया कि अमर्त्य सेन जैसे राष्ट्र गौरव को, जिसने देश के लिए नोबेल पुरस्कार अर्जित किया और भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा बढ़ाई, क्यों इस तरह की सुनवाई के लिए बुलाया गया. उनका मानना है कि अमर्त्य सेन जैसे व्यक्तियों को सम्मान दिया जाना चाहिए, ना कि किसी विवाद या जांच के लिए परेशान किया जाना.

चुनाव आयोग का बयान अभी बाकी

हालांकि, चुनाव आयोग ने अब तक अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह स्पष्ट नहीं है कि अमर्त्य सेन को भेजा गया नोटिस किस आधार पर जारी किया गया है. वहीं टीएमसी इस मुद्दे को लेकर लगातार राजनीतिक दबाव बढ़ा रही है और इसे बंगाल में लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर हमला बताने की कोशिश कर रही है.

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