पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरुप विश्वास ने दिया इस्तीफा, लियोनेल मेस्सी के GOAT टूर प्रोग्राम में हुई थी ममता सरकार की फजीहत
पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने सॉल्ट लेक स्टेडियम में लियोनेल मेस्सी के GOAT टूर कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था की जांच के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया, जिससे सरकार और आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए.

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल की राजनीति और खेल जगत में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई, जब राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनका यह फैसला कोलकाता के प्रतिष्ठित सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेस्सी के ‘GOAT टूर’ कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और कथित कुप्रबंधन की जांच के आदेश के बाद सामने आया. इस घटनाक्रम ने राज्य सरकार की आयोजन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
GOAT टूर कार्यक्रम में क्या हुआ?
लियोनेल मेस्सी के नाम से जुड़ा GOAT (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) टूर कार्यक्रम को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह था. हजारों की संख्या में फुटबॉल प्रेमी सॉल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं चरमरा गईं. टिकटिंग, प्रवेश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर अव्यवस्था देखने को मिली. हालात ऐसे बने कि कई दर्शकों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ को बिना कार्यक्रम देखे ही लौटना पड़ा.
सरकार ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए. जांच का मकसद यह पता लगाना है कि आयोजन में कहां चूक हुई, जिम्मेदारी किसकी थी और भविष्य में ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने. सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अरूप बिस्वास का इस्तीफा
जांच के आदेश के कुछ ही समय बाद खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने इस्तीफा दे दिया. माना जा रहा है कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह कदम उठाया है. हालांकि, उनके इस्तीफे पर आधिकारिक बयान में ज्यादा विस्तार नहीं दिया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सरकार पर बढ़ते दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है. बिस्वास लंबे समय से खेल विभाग से जुड़े रहे हैं और उनके इस्तीफे को एक बड़ा प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है.
सरकार पर सवाल
इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. विपक्षी दलों का कहना है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रचार पर ज्यादा ध्यान दिया, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को नजरअंदाज कर दिया गया. विपक्ष ने यह भी मांग की है कि जांच निष्पक्ष हो और सच सामने लाया जाए.
प्रशंसकों में नाराजगी
कार्यक्रम में पहुंचे फुटबॉल प्रशंसकों की नाराजगी भी खुलकर सामने आई है. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अव्यवस्था की तस्वीरें और वीडियो साझा किए. लोगों का कहना है कि उन्होंने महंगे टिकट खरीदे, लेकिन बदले में अव्यवस्थित आयोजन और निराशा हाथ लगी. कुछ प्रशंसकों ने राज्य सरकार और आयोजकों से माफी और मुआवजे की मांग भी की है.
अब आगे क्या?
अरूप बिस्वास के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है. यह रिपोर्ट न केवल इस घटना की सच्चाई उजागर करेगी, बल्कि भविष्य में पश्चिम बंगाल में होने वाले बड़े खेल आयोजनों की दिशा भी तय करेगी. सरकार के लिए यह एक बड़ी परीक्षा है कि वह इस विवाद से कैसे निपटती है और जनता का भरोसा दोबारा कैसे जीतती है.


