Video:आज का भारत US-इजरायल की लिस्ट में, 10 दिन में उरी-पुलवामा अटैक: अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में बोलते हुए जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर काबू पाने के लिए सरकार की कार्यवाहियों की विस्तार से जानकारी दी. अमित शाह ने बताया कि जब नरेंद्र मोदी सरकार आई, तब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद एक गंभीर समस्या थी, लेकिन अब कश्मीर में आतंकवादियों से जुड़ने वाले भारतीय बच्चों की संख्या बहुत कम हो गई है. 

Kamal Kumar Mishra

 Amit Shah in Rajya Sabha: गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कार्यों पर चल रही चर्चा के दौरान उरी और पुलवामा हमलों का हवाला देते हुए कहा कि, "हमने 10 दिन में जवाबी कार्रवाई की और भारत को इजरायल तथा अमेरिका जैसी देशों की सूची में शामिल किया." गृह मंत्री ने यह भी बताया कि मोदी सरकार के तहत भारत ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे आतंकवादियों के परिवारों के लिए सहानुभूति की जगह कानून व्यवस्था को मजबूत किया गया है. 

गृह मंत्री ने कहा कि पहले आतंकवादियों के मारे जाने पर जुलूस निकाले जाते थे, लेकिन अब जहां आतंकवादी मारे जाते हैं, वहीं उन्हें दफनाया जाता है. इससे आतंकवादियों के परिवारों का विरोध भी कम हुआ है और उनका मनोबल टूटा है. 

10 साल में देश की सुरक्षा हुई मजबूत- अमित शाह

उन्होंने कश्मीर में जी-20 सम्मेलन के सफल आयोजन का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे पहले वहां तिरंगा फहराने की अनुमति नहीं मिलती थी, लेकिन अब कश्मीर में हर घर पर तिरंगा लहराता है. इसके अलावा, अमित शाह ने 10 साल में राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र किया और बताया कि गृह मंत्रालय ने देश की सीमाओं की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अमित शाह ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान यह भी कहा कि गृह मंत्रालय का कार्य देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है और इसके लिए केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि, "राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने 10 सालों में कई बड़े बदलाव किए हैं." 

पूर्वोत्तर के संघर्षों पर क्या बोले गृह मंत्री?

उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद, और पूर्वोत्तर के संघर्षों के संदर्भ में भी अपनी सरकार की रणनीतियों की सराहना की और बताया कि ये समस्याएं अब पहले से कम हो चुकी हैं.

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