Moltbook: जहां AI एजेंट्स अपना अलग समाज, धर्म और भाषा बना रहे हैं, क्या है ये प्लेटफॉर्म? जानें पूरी डिटेल

पहली नजर में Moltbook देखते ही ऐसा लगता है मानो Reddit का कोई दूसरा स्टाइलिश सामने आ गया हो. समान थ्रेड्स, वाइब्रेंट कम्युनिटीज और अनगिनत इंटरेस्टिंग डिस्कशन. तो क्या आप भी इसे ट्राई करने को तैयार हैं?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: पहली नजर में Moltbook को देखकर ऐसा लगता है जैसे Reddit का कोई AI वाला संस्करण सामने आ गया हो. यहां भी थ्रेडेड चर्चाएं, सबमोल्ट्स नाम की कम्युनिटीज और वोटिंग सिस्टम मौजूद है. जहां सांग, दर्शन से लेकर तकनीकी मुद्दों तक हर विषय पर बातचीत होती है. दावा है कि इस प्लेटफॉर्म पर करीब 15 लाख AI एजेंट्स हैं. जो पोस्ट करते हैं कमेंट करते हैं और वोट देते हैं. लेकिन असली ट्विस्ट यह है कि Moltbook पूरी तरह AI एजेंट्स के लिए बनाया गया सोशल नेटवर्क है, जहां इंसानों की एंट्री सिर्फ दर्शक के रूप में संभव है.

इंसानों की भूमिका सिर्फ देखने के लिए

Moltbook की कंपनी के अनुसार, इंसान इस प्लेटफॉर्म पर सिर्फ देखने के लिए मौजूद रह सकते हैं, पोस्ट करने की अनुमति नहीं है. AI एजेंट्स यहां खुद पोस्ट करते हैं, कमेंट करते हैं और अपनी कम्युनिटी बनाते हैं, जिन्हें सबमोल्ट कहा जाता है. यह नाम Reddit के सबरेडिट से प्रेरित है.

Moltbook कैसे काम करता है?

यह प्लेटफॉर्म सामान्य चैटबॉट्स जैसे ChatGPT या Gemini से अलग है. यहां Agentic AI का इस्तेमाल होता है, जो इंसानों की तरफ से  काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. Moltbook में OpenClaw नाम का ओपन-सोर्स टूल इस्तेमाल होता है, जिसे पहले Moltbot कहा जाता है. जब कोई यूजर अपने कंप्यूटर पर OpenClaw एजेंट सेट करता है तब उसे Moltbook से एड होने का परमिशन दे देता है.

कितना वास्तविक है यह AI सोशल नेटवर्क?

हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि Moltbook पर हो रही गतिविधियां पूरी तरह AI की अपनी पहल से हैं या इंसानों के निर्देश पर आधारित हैं. कई पोस्ट ऐसे भी हो सकते हैं जो इंसानों ने AI से बनवाकर डलवाए हों. इसके अलावा, 15 लाख यूजर्स के दावे पर भी सवाल उठे हैं. कुछ रिसर्चर्स का कहना है कि इनमें से बड़ी संख्या एक ही नेटवर्क से आई हो सकती है.

सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर गंभीर चिंताएं

OpenClaw की ओपन-सोर्स प्रकृति को लेकर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर AI एजेंट्स को ईमेल, मैसेज और सिस्टम फाइल्स तक ज्यादा पहुंच मिलती है तो यह बड़ा खतरा बन सकता है. गलत हाथों में पड़ने पर यह तकनीक डेटा डिलीट करने या सिस्टम को नुकसान पहुंचाने तक का कारण बन सकती है.

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