सरकार का बड़ा फैसला, 4 हफ्ते तक न्यूज चैनलों की TRP पर लगी रोक

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से चार हफ्तों के लिए न्यूज चैनलों की टीआरपी जारी करने पर रोक लगा दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने न्यूज चैनलों की कवरेज को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से चार हफ्तों के लिए न्यूज चैनलों की टीआरपी जारी करने पर रोक लगा दी है. यह कदम इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की रिपोर्टिंग के दौरान कुछ चैनलों द्वारा दिखाई जा रही अत्यधिक सनसनीखेज कवरेज को देखते हुए उठाया गया है. 

 जनहित को ध्यान में रखते हुए आदेश जारी 

मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को निर्देश दिया है कि अगले चार सप्ताह तक किसी भी न्यूज चैनल के लिए टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स जारी न किए जाएं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जनहित को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है. मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे संवेदनशील संघर्ष की रिपोर्टिंग करते समय कई चैनल अनुमान आधारित और उत्तेजक सामग्री दिखा रहे हैं, जिससे हालात की गंभीरता से ज्यादा सनसनी फैलाने की कोशिश दिखाई दे रही है. सरकार का मानना है कि इस तरह की प्रस्तुति दर्शकों के बीच भ्रम और अनावश्यक डर पैदा कर सकती है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि जिम्मेदारी से रहित और भ्रामक रिपोर्टिंग से आम लोगों में घबराहट फैलने की आशंका रहती है. विशेष रूप से उन परिवारों में चिंता बढ़ सकती है जिनके रिश्तेदार या परिचित पश्चिम एशिया के उन इलाकों में रहते हैं जहां संघर्ष जारी है. ऐसे में सरकार का कहना है कि मीडिया को स्थिति की गंभीरता को समझते हुए संतुलित और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करनी चाहिए.

टीआरपी हासिल करने की प्रतिस्पर्धा 

अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय के पीछे एक प्रमुख कारण न्यूज चैनलों के बीच टीआरपी हासिल करने की प्रतिस्पर्धा भी है. कई चैनल ज्यादा दर्शक जुटाने के लिए आक्रामक और सनसनीखेज प्रस्तुति का सहारा ले रहे हैं. सरकार का मानना है कि फिलहाल टीआरपी जारी करने पर रोक लगाने से इस तरह की प्रतिस्पर्धा को कुछ समय के लिए कम किया जा सकेगा और चैनलों पर जिम्मेदार रिपोर्टिंग का दबाव बनेगा.

इस फैसले का असर न्यूज ब्रॉडकास्टिंग उद्योग और विज्ञापन बाजार पर भी पड़ेगा. सामान्य तौर पर टीआरपी डेटा हर हफ्ते जारी किया जाता है और इसी के आधार पर चैनलों की लोकप्रियता और दर्शकों की संख्या का आकलन किया जाता है. ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाता और मीडिया प्लानर इसी आंकड़े का इस्तेमाल यह तय करने के लिए करते हैं कि किस चैनल पर विज्ञापन देना ज्यादा प्रभावी रहेगा.

अब चार सप्ताह तक टीआरपी डेटा जारी न होने से इस साप्ताहिक प्रक्रिया पर अस्थायी विराम लग गया है. माना जा रहा है कि इस दौरान न्यूज चैनलों को अपनी रिपोर्टिंग के तरीके की समीक्षा करने का मौका मिलेगा, ताकि संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अधिक जिम्मेदार और संतुलित पत्रकारिता सुनिश्चित की जा सके.

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