ट्रंप ने भारत पर लगाया 50 % टैरिफ... शशि थरूर का आया पहला रिएक्शन, कह दी ये बड़ी बात

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की आलोचना की है. उन्होंने इसे भारत के निर्यात पर गंभीर प्रभाव डालने वाला बताया. उनका कहना है कि इससे भारतीय उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे और खरीदार अन्य सस्ते विकल्प चुन सकते हैं. थरूर ने भारत से अपील की कि वह अपने निर्यात बाजारों में जल्द विविधता लाए.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Shashi Tharoor On Tariff : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस निर्णय पर गहराई से प्रतिक्रिया दी है, जिसमें भारत के खिलाफ अतिरिक्त 25% आयात शुल्क लगाने का आदेश दिया गया है. इस कदम के बाद भारतीय वस्तुओं पर कुल मिलाकर 50% तक टैरिफ लागू हो जाएगा. थरूर ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से भारतीय निर्यात को अमेरिकी बाज़ार में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, क्योंकि वहाँ के उपभोक्ता हमारे उत्पादों को महंगा समझेंगे.

निर्यात को उठाना पड़ सकता है नुकसान 
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के लिए यह स्थिति बहुत संतुलन बिगाड़ने वाली हो सकती है क्योंकि यदि तुलनात्मक शिविरों जैसे वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, बांग्लादेश और पाकिस्तान का टैरिफ कम है, तो अमेरिकी खरीदार उनकी ओर आकर्षित होंगे. उनके अनुसार इससे भारत को निर्यात में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त गंवानी पड़ सकती है.

निर्यात बाजारों में लानी होगी विविधता 

थरूर ने इस संकट के बीच भारत की जरूरतों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत को जल्द ही अपने निर्यात बाज़ारों में विविधता लानी होगी. उन्होंने बताया कि भारत ने यूके के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं और यूरोपीय संघ से बातचीत चल रही है. थरूर के मुताबिक, ये नए बाज़ार भारत को अमेरिकी टैरिफ नीति के प्रभाव से उबरने का मौका दे सकते हैं.

ट्रंप की नीति एवं समयबद्ध आदेश पर प्रतिक्रिया
ट्रम्प द्वारा एफेक्टीव टैरिफ को लागू करने से मात्र 14 घंटे पहले अतिरिक्त आदेश देने से भारतीय निर्यातकों में उत्साही नहीं बल्कि चिंता का माहौल बना हुआ है. इस निर्णय की समय सीमा के अनुसार, प्रारंभिक टैरिफ 7 अगस्त से प्रभावी किया गया और अतिरिक्त 25% शुल्क 21 दिनों बाद लागू किया जाएगा. थरूर का मानना है कि इस तरह के अचानक बदलाव न केवल व्यापार नीति के स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि घरेलू उद्योगों और निर्यात की विश्वसनीयता को भी चुनौती देते हैं.

शशि थरूर ने अमेरिकी टैरिफ के बढ़ाए जाने को न केवल व्यापार पर प्रहार बताया बल्कि भारत की एकाधिक बाज़ारों में निर्यात रणनीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता उजागर की. उनके अनुसार, अगर भारत समय रहते अपनी निर्यात नीति को वैश्विक व्यापार के अनुकूल नहीं बनाता, तो बनती विश्वसनीय अवसरों को खो सकता है.

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