BJP अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन ने लिए ताबड़तोड़ फैसले, केरल विधानसभा चुनाव में विनोद तावड़े को दी बड़ी जिम्मेदारी

बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पहले ही दिन कई अहम फैसले लिए. उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के लिए विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी और चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया, साथ ही शोभा करंदलाजे को सह प्रभारी नियुक्त किया.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने पद संभालते ही पार्टी में बदलाव की शुरुआत कर दी है. उनकी नियुक्तियों से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी आगामी चुनावों के लिए पहले से ही तैयारियों को तेज कर रही है. केरल विधानसभा चुनाव और चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए पार्टी ने अपने अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने का संदेश गया है.

केरल और चंडीगढ़ में चुनाव प्रबंधन की कमान

केरल में बीजेपी के लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण चुनाव के मद्देनजर विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भी उनकी भूमिका निर्णायक होगी. साथ ही शोभा करंदलाजे को सह प्रभारी बनाकर पार्टी ने चुनावी टीम को और अधिक मजबूत किया है. यह नियुक्ति यह संकेत देती है कि पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेतृत्व को सक्रिय रूप से चुनावी मोर्चे पर लगाया है.

तेलंगाना और बेंगलुरु में संगठनात्मक तैयारी
तेलंगाना में नगर निकाय और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए आशीष शेलार को प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि अशोक परनामी और रेखा शर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. यह कदम यह दर्शाता है कि पार्टी राज्य में स्थानीय चुनावों को लेकर रणनीतिक तैयारी कर रही है. वहीं, बेंगलुरु में ग्रेटर बेंगलुरु निकाय चुनाव की कमान राम माधव को दी गई है, जिनके साथ सतीश पुनिया और संजय उपाध्याय को सह प्रभारी बनाया गया है.

युवाओं को सक्रिय राजनीति में आने का आह्वान
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं से पांच राज्यों में चुनाव जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देश को जनसांख्यिकीय बदलावों से बचाने और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने युवाओं को राजनीति से दूर रहने के बजाय सकारात्मक भूमिका निभाने की सलाह दी और कहा कि राजनीति में सफलता का रास्ता शॉर्टकट नहीं बल्कि निरंतर मेहनत और धैर्य है.

राजनीति मैराथन है, दौड़ नहीं
नितिन नवीन ने कहा कि राजनीति सौ मीटर की दौड़ नहीं है, बल्कि यह मैराथन है, जिसमें सहनशक्ति और निरंतर प्रयास की जरूरत होती है. उन्होंने युवाओं से कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से राजनीति में आएं और देश की सेवा करें.

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