लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण का लोकार्पण आज, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM योगी करेंगे जनता को समर्पित

लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का आज लोकार्पण होगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस परियोजना को जनता को समर्पित करेंगे. गोमती नदी के किनारे विकसित इस कॉरिडोर से शहर के करीब पांच लाख लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के बहुप्रतीक्षित ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का शुक्रवार को औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा. गोमती नदी के किनारे विकसित किए गए इस कॉरिडोर से शहर में यातायात को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. इस परियोजना के शुरू होने से करीब पांच लाख से अधिक लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी.

इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा. समतामूलक चौराहे से लेकर निशातगंज, हनुमान सेतु, डालीगंज और पक्का पुल तक ब्रिज, आरओबी और सड़क चौड़ीकरण जैसे कई प्रमुख कार्य पूरे किए गए हैं, जिससे नए और पुराने लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.

ग्रीन कॉरिडोर से आसान होगा सफर

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत पहला चरण करीब सात किलोमीटर और दूसरा चरण लगभग चार किलोमीटर लंबा है. दोनों चरणों का कार्य पूरा हो चुका है. इस परियोजना के शुरू होने से गोमती नदी के किनारे से होकर गुजरने वाला मार्ग शहर की लाइफलाइन के रूप में काम करेगा और यातायात का दबाव भी कम होगा.

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आईआईएम रोड से किसान पथ तक करीब 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है. इससे राजधानी के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

दूसरे चरण में हुए प्रमुख विकास कार्य

ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से कई अहम निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं.

कुकरैल नदी पर 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल बनाया गया, जिसकी लागत करीब 45 करोड़ रुपये है.

कुकरैल से निशातगंज के बीच 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा व सड़क निर्माण करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया.

निशातगंज में भी 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल लगभग 45 करोड़ रुपये में तैयार किया गया.

इसके अलावा हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है, जिससे यातायात और अधिक सुगम होगा.

नए और पुराने लखनऊ के बीच बेहतर कनेक्टिविटी

ग्रीन कॉरिडोर के बनने से निशातगंज और कुकरैल चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. साथ ही यह मार्ग नए और पुराने लखनऊ के बीच दूरी को भी कम करेगा. कॉरिडोर के किनारे बागवानी और सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए गए हैं, जिससे यह क्षेत्र और आकर्षक दिखाई देगा.

ग्रीन कॉरिडोर के चार चरण

इस परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जा रहा है.

  • पहला चरण: आईआईएम रोड से पक्का पुल तक (पूरा हो चुका है)
  • दूसरा चरण: पक्का पुल से पिपराघाट तक (पूरा हो चुका है)
  • तीसरा चरण: पिपराघाट से शहीद पथ तक (स्वीकृति मिल चुकी है)
  • चौथा चरण: शहीद पथ से किसान पथ तक (तैयारियां जारी)

झूलेलाल वाटिका में होगी जनसभा

ग्रीन कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री समतामूलक चौराहे के पास फीता काटकर परियोजना का लोकार्पण करेंगे. इसके बाद झूलेलाल वाटिका में एक जनसभा का आयोजन होगा.

मनकामनेश्वर मंदिर के पास आयोजित होने वाली इस सभा में करीब 10 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है. समारोह में लोगों को लाने के लिए 300 बसों की व्यवस्था की गई है, जिनमें 200 शहरी और 100 ग्रामीण क्षेत्रों के लिए होंगी.

राजधानी को मिलेंगे कई नए फ्लाईओवर और पुल

लखनऊ में सेतु निगम द्वारा कई पुल, फ्लाईओवर और आरओबी का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. इनमें से कुछ परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कई निर्माणाधीन हैं.

  • मरी माता मंदिर फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है.
  • मलिहाबाद के रैथा में पीएम टेक्सटाइल पुल का काम भी पूरा हो गया है.
  • केसरी खेड़ा फ्लाईओवर को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
  • मोहनलालगंज में सई नदी पर पुल तैयार है, जिसकी फिनिशिंग का काम बाकी है.

इसके अलावा इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर नया फ्लाईओवर और अवध चौराहे पर अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है.

प्रमुख परियोजनाओं का विवरण

पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने वाला पुल

  • लागत: 40939.74 लाख रुपये
  • लंबाई: लगभग 800 मीटर
  • लेन: दो
  • लाभार्थी: 3 लाख से अधिक लोग

केसरी खेड़ा फ्लाईओवर

  • लंबाई: 937.46 मीटर
  • लागत: 74 करोड़ रुपये
  • लेन: दो
  • लक्ष्य: 30 अप्रैल 2026
  • लाभार्थी: करीब 5 लाख लोग

अवध चौराहे का अंडरपास

  • लंबाई: 887.36 मीटर
  • लागत: 146 करोड़ रुपये
  • लेन: दो
  • लक्ष्य: जुलाई 2027
  • लाभार्थी: 5 से 6 लाख लोग

राजाजीपुरम का पारा फ्लाईओवर

  • लंबाई: 857.92 मीटर
  • लागत: 153 करोड़ रुपये
  • लक्ष्य: दिसंबर 2027
  • लाभार्थी: 3 लाख से अधिक लोग

मरी माता मंदिर फ्लाईओवर

  • लंबाई: 900 मीटर
  • लेन: चार
  • लागत: 16 करोड़ रुपये
  • लाभार्थी: करीब 4 लाख लोग

पक्का पुल (निर्माणाधीन)

  • लंबाई: 900 मीटर
  • लागत: करीब 93 करोड़ रुपये
  • लेन: चार
  • लक्ष्य: जून 2027
  • लाभार्थी: 4 लाख लोग

मेहंदी पुल (निर्माणाधीन)

  • लंबाई: 303.38 मीटर
  • चौड़ाई: 12 मीटर
  • लागत: 53.98 करोड़ रुपये
  • लक्ष्य: जून 2027
  • लाभार्थी: करीब 3 लाख लोग

लामार्टीनियर कॉलेज से जी-20 रोड तक बनेगा नया फ्लाईओवर

लामार्टीनियर कॉलेज से जी-20 रोड तक 2300 मीटर लंबा फ्लाईओवर कम आरओबी बनाया जाएगा. गोमती नदी के दाएं किनारे पर बनने वाली इस परियोजना में करीब 315 करोड़ रुपये खर्च होंगे. टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दो साल में इसे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

इस फ्लाईओवर के बन जाने के बाद 1090 चौराहा, कालीदास मार्ग और विक्रमादित्य मार्ग से शहीद पथ, इकाना स्टेडियम, पुलिस मुख्यालय, एयरपोर्ट और अयोध्या रोड तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी.

गोमती नदी पर बनेगा नया ब्रिज

इस परियोजना के तहत गोमती नदी पर 250 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा. यह पुल जी-20 रोड को सेना की जमीन पर बनने वाली बंधा रोड से जोड़ेगा. करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल को लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

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