9 साल का प्यार, 2 महीने पहले शादी...बरेली में पत्नी ने पति की गला दबाकर की हत्या
उत्तर प्रदेश के बरेली में नौ साल के प्यार का खौफनाक अंत हो गया, जहां पत्नी ने पति का गला दबाकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.

बरेली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है. जहां शुरू में आत्महत्या मानी गई मौत अब हत्या साबित हुई है. 26 जनवरी को बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में किराए के मकान में आईवीआरआई संविदाकर्मी जितेंद्र यादव का शव फंदे से लटका मिला था. पहले इसे सुसाइड का केस माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच ने पूरी कहानी पलट दी. पुलिस ने पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरण और मां चमेली को गिरफ्तार कर लिया है.
9 साल के प्यार का खौफनाक अंत
जितेंद्र यादव और ज्योति का रिश्ता 9 साल पुराना था. दोनों छात्र जीवन से एक-दूसरे को जानते थे. लंबे इंतजार के बाद 25 नवंबर 2025 को प्रेम विवाह हुआ. शादी के महज दो महीने बाद ही यह रिश्ता खून में डूब गया. जितेंद्र आईवीआरआई में संविदा पर काम करते थे, जबकि ज्योति रोडवेज में संविदा परिचालक थीं. दोनों किराए के मकान में साथ रहते थे.शादी के बाद ज्योति ने जितेंद्र पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर घर और कार उसके नाम कर दे. जितेंद्र ने मना किया तो ज्योति और उसके परिवार ने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराने की धमकी दी. इससे जितेंद्र के परिवार में शक पैदा हुआ.
जुए के 20 हजार का विवाद बना मौत का कारण
घटना वाले दिन ऑनलाइन जुए में जितेंद्र ने 20 हजार रुपये गंवा दिए. इस पर पति-पत्नी में जोरदार झगड़ा हुआ. पूछताछ में ज्योति ने कबूल किया कि गुस्से में उसने जितेंद्र का गला दबाया. मौत हो गई. उसके बाद ज्योति ने माता-पिता को फोन किया. परिवार ने मिलकर शव को मफलर से वेंटिलेटर पर लटकाकर सुसाइड का नाटक रचा. ज्योति की आखिरी कॉल उसके माता-पिता को गई थी, न कि पुलिस या जितेंद्र के परिवार को. लोकेशन डेटा से पता चला कि घटना के समय परिवार के सदस्य घर के पास थे. आसपास के सीसीटीवी फुटेज ने भी साजिश की पुष्टि की.
पोस्टमार्टम ने खोली पोल
शुरुआत में जितेंद्र के भाई ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दर्ज कराई. लेकिन पोस्टमार्टम में गर्दन पर दबाव की चोटें मिलीं, जो मौत से पहले लगी थीं. फोरेंसिक से शरीर की स्थिति, स्टूल की जगह और अन्य सबूत सुसाइड के खिलाफ थे. जांच में हत्या साबित हुई तो केस बदल दिया गया.
एक आरोपी अभी भी फरार
31 जनवरी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर देलापीर-त्रिशूल तिराहा के पास कब्रिस्तान इलाके से ज्योति, कालीचरण और चमेली को पकड़ा. तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. ज्योति के भाई दीपक अभी फरार है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.


