कंटेंट क्रिएटर लैब, हाईस्पीड रेल...वित्त मंत्री ने पेश किया बजट 2026, जानें PM मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को क्या-क्या मिला

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा 2026 का बजट पेश कर दिया गया है. इस बजट में सभी राज्य के विकास को ध्यान में रखा गया है. उत्तर प्रदेश को भी अन्य राज्यों की तरह इस बजट में कई तोहफे मिले है. प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को लेकर भी कई अहम घोषणाएं की गई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि बजट में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को क्या-क्या मिला है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 में उत्तर प्रदेश के व्यापक और बहुआयामी विकास को प्राथमिकता दी गई है. इस बजट में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और प्रौद्योगिकी के लिए परिवर्तनकारी घोषणाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है.प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को लेकर भी कई अहम घोषणाएं की गई है. ऐसे में आइए जानते हैं कि बजट में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को क्या-क्या मिला है. 

PM मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस को क्या-क्या मिला ?
आपको बता दें कि बजट में उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दो प्रमुख उच्च गति रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. पहली परियोजना दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की है, जो राष्ट्रीय राजधानी को पूर्वी उत्तर प्रदेश से सीधे जोड़ेगी. दूसरी महत्वाकांक्षी परियोजना वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल नेटवर्क की है, जो राज्य को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी. इन परियोजनाओं से यात्रा समय में भारी कमी आएगी, जिससे पर्यटन और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

साथ ही, पांच लाख से अधिक आबादी वाले टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं को जारी रखने के प्रावधान से राज्य के कई शहरों, जैसे कि वाराणसी, को सड़कों और अन्य नागरिक सुविधाओं के उन्नयन का लाभ मिलेगा.

स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार
स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की घोषणा एक मील का पत्थर साबित होगी, जो क्षेत्र में उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करेगी. इसके अलावा, राज्य के हर जिले में इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव आपातकालीन चिकित्सा देखभाल की पहुंच और गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. सभी जिला अस्पतालों की क्षमता और सेवाओं को बढ़ाने के लिए विशेष धनराशि आवंटित की गई है, जिससे सामान्य नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी.

बुंदेलखंड क्षेत्र में एक IIT संस्थान की स्थापना 
शिक्षा के क्षेत्र में, बुंदेलखंड क्षेत्र में एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की स्थापना का प्रस्ताव क्षेत्रीय विकास में अत्यधिक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. यह संस्थान तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करेगा. साथ ही, देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों को भी मिलेगा, जिससे युवा पीढ़ी में डिजिटल साक्षरता और रचनात्मक क्षमताओं का विकास होगा.

गौतम बुद्ध नगर में देश के पहले सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना
औद्योगिक विकास के मोर्चे पर, जेवर (गौतम बुद्ध नगर) में देश के पहले सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना एक ऐतिहासिक निर्णय है. यह पार्क प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अरबों रुपये का निवेश आकर्षित करेगा और हजारों उच्च-कौशल वाले रोजगार सृजित करेगा, जिससे पूरे राज्य की आर्थिक पटल बदल सकती है. नए औद्योगिक नोड्स के विकास के लिए विशेष फंडिंग से विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. पारंपरिक उद्योगों के समर्थन में, 'महात्मा गांधी हैंडलूम योजना' राज्य की 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) नीति को मजबूती प्रदान करेगी.

आय में वृद्धि और निर्यात को बढ़ावा
चमड़े के उत्पादों को सस्ता करने की घोषणा से कानपुर और आगरा जैसे चमड़ा उद्योग केंद्रों को सीधा लाभ होगा, जिससे स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. वाराणसी में एकीकृत लॉजिस्टिक्स हब की स्थापना से माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी और स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा.

कुल मिलाकर, बजट 2026 में उत्तर प्रदेश के लिए की गई योजनाएं राज्य को एक आधुनिक, औद्योगिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से समृद्ध इकाई के रूप में विकसित करने की दिशा में एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती हैं. इनके सफल क्रियान्वयन से न केवल राज्य का आर्थिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि लाखों नागरिकों के लिए बेहतर जीवनयापन के अवसर भी सुनिश्चित होंगे.

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