दिल्ली टू वाराणसी और हैदराबाद से चेन्नई...देश में बनेंगे सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, वित्त मंत्री ने बजट में किया बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया. इस बजट में रेलवे को भी खास तवज्जो दी गई है. रेलवे के लिए कुल 2.93 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. देश में सात नए हाईस्पीड कॉरिडोर बनाए जाएंगे.

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया. इस बार कुल बजट 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है. सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया है, जो पिछले साल से करीब 9 प्रतिशत ज्यादा है. रेलवे को भी इस बजट में खास तवज्जो दी गई है. इसका मकसद बेहतर कनेक्टिविटी, कम लॉजिस्टिक्स लागत और तेज आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है. रेलवे के लिए कुल 2.93 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर करीब 2.78 लाख करोड़ रुपये है. यह पिछले साल के 2.52 लाख करोड़ से काफी बढ़ोतरी दर्शाता है.
सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट की सबसे बड़ी घोषणा सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की है. इन्हें 'ग्रोथ कनेक्टर्स' कहा गया है, जो प्रमुख शहरों को तेज और पर्यावरण-अनुकूल रेल नेटवर्क से जोड़ेंगे. ये कॉरिडोर हैं- मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी. ये दक्षिण भारत में हाई-स्पीड क्वाड्रिलेटरल बनाएंगे और पूर्वोत्तर तक पहुंच बढ़ाएंगे. इससे यात्रा समय कम होगा, पर्यटन-व्यापार बढ़ेगा और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के अलावा ये नए प्रोजेक्ट रेलवे की आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम हैं.
रेल सुरक्षा पर मजबूत फोकस
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कवच 4.0 सिस्टम का विस्तार होगा. स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच 4.0 को 18,000 किलोमीटर तक फैलाने के लिए फंडिंग बढ़ाई जाएगी. हाल ही में 472 किलोमीटर पर इसे शुरू किया गया था. सुरक्षा पर कुल खर्च 1.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. इससे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का प्रोडक्शन
लंबी दूरी की यात्रा के लिए 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का फुल-स्केल प्रोडक्शन शुरू होगा. ये राजधानी एक्सप्रेस जैसी सेवाओं को रिप्लेस करेंगी. इनमें पैंट्री कार और एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स होंगे. प्रोटोटाइप 2026 के अंत तक तैयार हो सकता है.
नॉन-एसी कोच बढ़ाने की योजना
ट्रेनों में नॉन-एसी कोच का हिस्सा 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है. अगले 5 साल में 17,000 जनरल और स्लीपर नॉन-एसी कोच जोड़े जाएंगे. इससे आम यात्रियों को सस्ती और आरामदायक यात्रा मिलेगी.
सीनियर सिटीजंस को रियायत की उम्मीद
कोविड के दौरान बंद हुई सीनियर सिटीजंस की टिकट रियायत (पुरुषों को 40%, महिलाओं को 50%) बहाल करने पर चर्चा है. बजट में इसका ऐलान नहीं हुआ, लेकिन कई रिपोर्ट्स में इसे संभावित बताया गया है. अगर लागू हुई तो बुजुर्ग यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
रेल बजट अब आम बजट का हिस्सा
1924 से अलग पेश होने वाला रेल बजट 2017 से आम बजट में शामिल है. मोदी सरकार ने इसे एकीकृत करके संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया.


