उत्पादकता बढ़ाने और रोजगार पैदा करने पर जोर...बजट के बाद क्या बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है ताकि विकास लगातार बना रहे.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. यह उनका लगातार नौवां बजट था, जो करीब 85 मिनट तक चला. बजट पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सरकार सुधारों के जरिए मजबूत आर्थिक माहौल बना रही है. मुख्य फोकस उत्पादकता बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करने पर है.

विकास की रफ्तार बरकरार रखने का संकल्प

सीतारमण ने बताया कि सरकार अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है ताकि विकास लगातार बना रहे और सतत रूप से आगे बढ़े. संरचनात्मक सुधारों से ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है जो लंबे समय तक चले. पहले से कई सुधार हो चुके हैं और अब इन्हें और तेज किया जा रहा है. उन्होंने जोर दिया कि 21वीं सदी तकनीक की सदी है. इसलिए प्रौद्योगिकी का फायदा आम आदमी तक पहुंचाना जरूरी है. शहरों के विकास के लिए प्रति शहर प्रति साल 1000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, खासकर दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों पर ध्यान केंद्रित होगा. इससे छोटे-मझोले शहर मजबूत होंगे और वहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा निवेश

बजट में सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत करने के लिए दो बड़ी घोषणाएं की गईं. भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया गया है, जिसमें 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह योजना इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण को बढ़ावा देगी, जिससे देश इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भर बनेगा.

इसके अलावा, दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के लिए विशेष गलियारे (रेयर अर्थ कॉरिडोर) बनाए जाएंगे. ये गलियारे ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापित होंगे. इन राज्यों में खनिजों की खोज, खनन, प्रसंस्करण और चिप्स बनाने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे भारत अपनी जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भरता कम कर पाएगा, खासकर चीन जैसे देशों से. 

सीतारमण ने कहा कि जब हम इन खनिजों को पहचानकर उनका दोहन और प्रोसेसिंग शुरू कर देंगे, तो चुंबक और अन्य दुर्लभ सामग्रियों की आयात निर्भरता घट जाएगी. यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुआयामी फायदेमंद होगा, क्योंकि इससे हाई-टेक इंडस्ट्री, डिफेंस और क्लीन एनर्जी सेक्टर मजबूत होंगे.

स्वास्थ्य और आम आदमी के लिए राहत

बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को भी ध्यान दिया गया. आयात शुल्क छूट वाली सूची में सात और दुर्लभ बीमारियों को शामिल किया गया है, जिससे मरीजों को महंगी दवाएं सस्ती मिल सकेंगी. इसके अलावा, व्यक्तिगत सामान की निकासी और यात्रा के दौरान लाए जाने वाले सामान पर अतिरिक्त शुल्क में छूट दी गई है. कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रस्ताव भी हैं, जो टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेंगे. सरकार का मकसद है कि सुधारों से अर्थव्यवस्था मजबूत हो, रोजगार बढ़े और आम लोगों को प्रौद्योगिकी का लाभ मिले. इससे भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत मुकाम हासिल कर सकेगा.

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