बजट 2026 को लेकर ममता बनर्जी का केंद्र पर वार, कहा- बंगाल के साथ सौतेला व्यवहार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस बजट में पश्चिम बंगाल को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है.

केंद्रीय बजट 2026-27 के पेश होते ही देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश किया, जिसके तुरंत बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. जहां सरकार समर्थक इसे भविष्य के भारत की मजबूत नींव बता रहे हैं. वहीं, विपक्ष इसे आम जनता के लिए निराशाजनक और दिशाहीन करार दे रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है.
ममता बनर्जी ने क्या आरोप लगाया?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस बजट में पश्चिम बंगाल को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जिससे यह साफ होता है कि केंद्र की प्राथमिकताओं में बंगाल शामिल नहीं है. उन्होंने बजट में घोषित आर्थिक गलियारों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं राज्यों की जमीनी जरूरतों को पूरा करने में असफल रहती हैं. ममता के मुताबिक, बजट में न तो कोई स्पष्ट दिशा है और न ही राज्यों के समग्र विकास का ठोस रोडमैप.
विपक्षी दलों ने भी बजट को लेकर सरकार को घेरा है. कांग्रेस सहित कई पार्टियों का कहना है कि इस बजट में आम लोगों की समस्याओं, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की आय पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया. कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही हैं. कांग्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए यह दावा भी किया कि बजट के बाद शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, जो निवेशकों के भरोसे में कमी का संकेत है.
एनडीए के नेताओं ने की बजट की प्रशंसा
इसके उलट, भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के नेताओं ने बजट की जमकर सराहना की है. गृह मंत्री अमित शाह ने इसे “विकसित भारत” की ओर बढ़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की सोच को मजबूत करता है और देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगा.
अमित शाह ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनाई गई आर्थिक नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है. उनके अनुसार, बजट 2026-27 इस रफ्तार को और तेज करेगा और पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ उभरते सेक्टरों में भी भारत की पकड़ मजबूत होगी. बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी बजट का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष बिना पूरे दस्तावेज को पढ़े ही प्रतिक्रिया दे रहा है.
बजट 2026-27 को लेकर सियासी खींचतान साफ नजर आ रही है. सत्ता पक्ष इसे विकास का रोडमैप बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे दिशा से भटका हुआ मान रहा है. ममता बनर्जी के आरोपों के बाद राज्यों के साथ समान व्यवहार और क्षेत्रीय संतुलन का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है, जो आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है.


