Budget 2026: खाद्य और पेय क्षेत्र में क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा? पढ़े पूरी लिस्ट

नया बजट किचन और F&B इंडस्ट्री के लिए लाया है कई रोमांचक बदलाव. कम टैक्स, बेहतर क्रेडिट और नई योजनाओं से घर की रसोई से लेकर फाइव-स्टार रेस्टोरेंट तक सबको फायदा. यहां पढ़े आसान, मजेदार और एकदम क्लियर शब्दों में.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद अब घरेलू बजट और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की नजरें उन बदलावों पर टिकी हैं, जो सीधे उनकी जेब और बिजनेस पर असर डालेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐसे ऐलान किए हैं, जिनसे कुछ चीजें सस्ती होंगी तो कुछ महंगी भी. बायोगैस आधारित CNG, माइक्रोवेव ओवन और सीफूड प्रोसेसिंग से जुड़े इनपुट्स सस्ते होने की उम्मीद है, जबकि कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी ने रेस्टोरेंट, होटल और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है.

यह बजट फूड और बेवरेज सेक्टर के लिए मिश्रित तस्वीर पेश करता है. जहां एक तरफ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ व्यावसायिक गैस के बढ़ते दामों से छोटे-बड़े खाने-पीने के कारोबार पर असर पड़ने वाला है. आइए जानते हैं बजट के उन प्रमुख बदलावों के बारे में जो आम घरों और फूड इंडस्ट्री को सीधे प्रभावित करेंगे.

सस्ती होने वाली चीजें 

वित्त मंत्री ने बायोगैस की पूरी वैल्यू को सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की गणना से बाहर करने का प्रस्ताव दिया है. इससे बायोगैस आधारित CNG का उत्पादन सस्ता होगा और यह पारंपरिक ईंधन के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगा. किसानों को भी एग्रो-रेजिड्यू, गोबर और ऑर्गेनिक वेस्ट बेचकर अतिरिक्त आय का मौका मिलेगा.

माइक्रोवेव ओवन 

माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले निर्दिष्ट पार्ट्स पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है. इससे घरेलू कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में वैल्यू एडिशन बढ़ेगा और आयातित पार्ट्स पर निर्भरता कम होगी. जिससे माइक्रोवेव ओवन के दाम घटने की संभावना है.

सीफूड प्रोसेसिंग इनपुट्स

सीफूड एक्सपोर्टर्स को राहत देते हुए प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाले इनपुट्स के ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा 1% से बढ़ाकर 3% कर दी गई है. इससे प्रोसेसर्स को कच्चे माल और उपकरण सस्ते में लाने में आसानी होगी और वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.

शराब पर फ्लैट 2% TCS दर 

शराब बेचने वालों के लिए टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स को एकसमान 2% कर दिया गया है. इससे अनुपालन आसान होगा और व्यवसायियों के लिए सिस्टम ज्यादा सरल व बिजनेस-फ्रेंडली बनेगा. हालांकि इससे खुदरा शराब के दाम सीधे नहीं घटेंगे.

महंगी होने वाली चीज 

1 फरवरी 2026 से 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में ₹49 की बढ़ोतरी कर दी गई है. दिल्ली में नया दाम ₹1,740.50 हो गया है. इससे रेस्टोरेंट, होटल, कैफे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर असर पड़ेगा. क्योंकि वे रोजाना खाना बनाने के लिए LPG पर निर्भर रहते हैं. हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

क्या नहीं बदला?

दूध के दाम बजट 2026-27 में दूध के दामों में कोई संशोधन नहीं किया गया है. पिछले साल 2025 में दूध की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ था और उसके बाद से अब तक कोई नया अपडेट नहीं आया है.

फूड इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया 

जैपफ्रेश के एमडी दीपांशु मांचंदा ने बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 भारत के समुद्री भोजन और प्रोटीन बाजारों के लिए एक व्यावहारिक और दूरदर्शी बदलाव लेकर आया है, जिसके तहत समुद्री भोजन प्रसंस्करण में उपयोग होने वाले कुछ विशिष्ट इनपुट के लिए शुल्क-मुक्त आयात सीमा को एफओबी निर्यात मूल्य के 1% से बढ़ाकर 3% कर दिया गया है. यह कदम आपूर्ति को स्थिर करने, लागत कम करने और प्रोसेसर और खुदरा विक्रेताओं के लिए इन्वेंट्री प्रबंधन को आसान बनाने में मदद करेगा. खासकर तब जब घरेलू समुद्री भोजन की उपलब्धता मौसमी या अनियमित हो.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag