चीन का 'राक्षस' जेट: तीन इंजनों वाला धमाका, अमेरिका की नींद उड़ाएगा अल्ट्रा-रेंज फाइटर!

चीन ने दुनिया को चौंका दिया है। उसने तीन इंजनों वाला पहला छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान दिखाया। इसे J-36 कहा जा रहा है। यह विमान बहुत बड़ा है। इसकी रेंज 8 हजार किलोमीटर से ज्यादा है। बिना ईंधन भरे लंबी उड़ान भर सकता है। अमेरिका के लिए खतरा बन सकता है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

चीन ने हाल ही में एक नया फाइटर जेट की तस्वीरें दिखाई हैं। यह जेट तीन इंजनों वाला है। बीच वाला इंजन सबसे बड़ा लगता है। यह विमान चेंगदू एयरक्राफ्ट कंपनी ने बनाया। इस कंपनी ने पहले J-20 और J-35 जैसे जेट बनाए हैं। यह जेट छठी पीढ़ी का है। यह पुराने जेटों से बहुत आगे है जोकि बहुत भारी दिखता है, लेकिन संतुलित है। इसकी वजह से यह तेज उड़ सकता है। यह अमेरिका को डराने वाला लगता है। 

तीन इंजन क्यों लगाए गए, क्या फायदा होगा?

तीन इंजनों से ज्यादा पावर मिलती है। यह जेट लंबी दूरी तक उड़ सकता है। रेंज 8 हजार किलोमीटर से ज्यादा है। प्रशांत महासागर पार कर सकता है। बिना रीफ्यूलिंग के 4 हजार किलोमीटर तक हमला कर सकता है। पुराने पांचवीं पीढ़ी के जेट ऐसा नहीं कर पाते। टर्बोफैन होने के कारण ये खास किस्म का जहाह ईंधन भी बचाता है। इससे लंबी उड़ान आसान होती है। चीन की यह तरकीब कमाल की है। 

क्या इस जेट में नई तकनीक का कमाल है?

इस जेट में थर्ड स्ट्रीम इंजन हो सकता है, जिस कारण इंजन को ज्यादा कूलिंग मिलती है। पावर भी ज्यादा बनाता है। चीन अभी पांचवीं पीढ़ी के इंजन बनाने में पीछे है, लेकिन यह नया प्रयोग कर रहा है। महंगा होने के कार अमेरिका ने ये प्रोजेक्ट बंद कर था। चीन शायद सफल हो जाए, लेकिन संदेह है। यह इंजन जेट को और मजबूत बनाएगा। 

सबसे बड़ा रडार और हथियार, क्या सच है?

इस जेट में दुनिया का सबसे बड़ा फाइटर रडार हो सकता है। डायरेक्टेड एनर्जी हथियार भी लग सकते हैं। ये लेजर जैसे हथियार हैं। तीन इंजनों से ज्यादा बिजली मिलती है, जिस कार सिस्टम को चलाने में ज्यादा मदद मिलेगी और इससे कूलिंग भी बेहतर होगी। कहते हैं ऐसा जेट दुश्मन को दूर से मार सकता है। चीन की यह योजना डराने वाली है। अमेरिका भी अब सोचने पर मजबूर होगा,क्योंकि उसने ये प्रोजेक्ट बंद कर दिया था। 

चीन कितनी तेजी से बना रहा है यह जेट?

दिसंबर 2024 में पहला प्रोटोटाइप उड़ा। अब चौथा प्रोटोटाइप तैयार है। 13 महीनों में इतना काम। चीन की स्पीड तेज है। अगर सब ठीक रहा तो 2030 तक पूरा हो सकता है। इंजन की समस्या सुलझानी होगी। अमेरिका का F-47 2028 में उड़ेगा। 2030 के बाद सर्विस में आएगा। चीन आगे निकल सकता है। 

अमेरिका को क्यों डर लग रहा है?

यह जेट अमेरिका की नींद उड़ा सकता है।अल्ट्रा-लॉन्ग रेंज है। प्रशांत क्षेत्र में खतरा। चीन की सेना मजबूत हो रही है। अमेरिका के जेट पुराने पड़ सकते हैं। यह नई पीढ़ी का है। तकनीक में चीन आगे। दुनिया देख रही है। 

क्या अमेरिका जवाब देगा?

चीन इंडस्ट्री में नई है।इंजन बनाने में चुनौती। एडैप्टिव साइकिल इंजन मुश्किल, लेकिन तीन इंजन से फायदा । यह जेट राक्षस जैसा है। दुनिया का पहला। अगर कामयाब तो खेल बदल जाएगा। चीन का इरादा साफ है। अब देखना क्या होता है।
 

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