नवमी पर रामलला का सूर्य तिलक, 9 मिनट तक ललाट पर पड़ीं किरणें; स्वर्ण जड़ित वस्त्र में दिखे भगवान

आज रामनवमी पर अयोध्या में दोपहर 12 बजे से रामलला का सूर्य तिलक हुआ. दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया. 9 मिनट तक भगवान के ललाट पर नीली किरणें पड़ीं.

Sonee Srivastav

अयोध्या: अयोध्या में राम नवमी के मौके पर शुक्रवार को रामलला का सूर्य तिलक हुआ. दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में सूर्य की किरणें भगवान रामलला के माथे पर पड़ीं. प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह उनका दूसरा सूर्य तिलक था. इस खास अनुष्ठान के दौरान भगवान के ललाट पर लगभग 9 मिनट तक दिव्य किरणें पड़ीं.

इस दौरान रामलला स्वर्ण जड़ित वस्त्रों में सुशोभित दिखे. गर्भगृह को खूबसूरती से फूलों से सजाया गया था. 14 पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहे और विशेष पूजा-अर्चना की गई. सूर्य तिलक के बाद आरती हुई और कुछ देर के लिए पट बंद कर दिए गए.

सूर्य तिलक की वैज्ञानिक तैयारी

सूर्य तिलक के लिए अष्टधातु के 20 पाइपों से बना 65 फीट लंबा खास सिस्टम तैयार किया गया. इसमें 4 लेंस और 4 मिरर लगाए गए थे. इनकी मदद से सूर्य की किरणें ठीक गर्भगृह तक पहुंचाई गई और रामलला के मस्तक पर तिलक के रूप में पड़ीं. यह दृश्य विज्ञान और आस्था का अद्भुत मेल था.

भक्तों के लिए खास इंतजाम

राम नवमी के दिन भक्तों को रामलला के दर्शन के लिए तीन घंटे अतिरिक्त समय दिया गया. सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक यानी कुल 18 घंटे दर्शन खुले रहे. आम दिनों में दर्शन सुबह 6:30 से रात 9:30 तक होते है. सुबह 5:30 बजे रामलला की आरती हुई और उन्हें पीतांबर धारण कराया गया. सूर्य तिलक के बाद रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा. 

अयोध्या में उमड़ी भारी भीड़ 

राम नवमी पर अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई. करीब 10 लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे. राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर लंबी-लंबी कतारें लगी रही. पूरा राम जन्मभूमि परिसर भक्ति के उत्सव में रंगा हुआ था.

यह सूर्य तिलक रामलला के जन्म का प्रतीक माना जाता है. भक्तों ने इस पावन अवसर पर रामलला के दिव्य रूप को निहारकर आनंद लिया. अयोध्या में राम नवमी का यह उत्सव भक्ति और उल्लास से भरा रहा.

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