13 दिन में भेजा एक लाख का बिजली बिल, उपभोक्ता आयोग ने केस्को एमडी के खिलाफ जारी किया वारंट

एक लाख रुपये के बिजली बिल और उपभोक्ता की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने केस्को के एमडी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

गलत बिजली बिल भेजने और उपभोक्ता की शिकायत का समाधान न करने के मामले में उपभोक्ता आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने केस्को के प्रबंध निदेशक के खिलाफ 10 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की गई है.

यह मामला पिछले कई वर्षों से उपभोक्ता आयोग में लंबित है. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि महज 13 दिनों के भीतर उनका बिजली बिल अचानक एक लाख रुपए से अधिक भेज दिया गया, जबकि इससे पहले तक सभी बिल नियमित रूप से जमा किए जा चुके थे.

कितने दिन में आया एक लाख से ज्यादा का बिल

शारदा नगर निवासी उपमा शुक्ला ने उपभोक्ता आयोग में दायर परिवाद में बताया था कि उनका बिजली बिल 22 नवंबर 2016 तक पूरी तरह जमा था. इसके बावजूद 5 दिसंबर 2016 को उन्हें 1 लाख 8 हजार 275 रुपए का बिजली बिल भेज दिया गया. इतने अधिक बिल को देखकर उपभोक्ता ने मीटर में गड़बड़ी की आशंका जताई और विभाग से शिकायत की.

केस्को में कई बार लगाई गुहार

उपमा शुक्ला के अनुसार, उन्होंने मीटर की जांच और सुधार के लिए कई बार केस्को अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. विभागीय स्तर पर समाधान न मिलने के बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया.

आयोग ने 2019 में दिया था आदेश

मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने 27 सितंबर 2019 को आदेश जारी किया था. आयोग ने निर्देश दिया था कि उपभोक्ता का विवादित बिजली बिल रद्द किया जाए और नया मीटर लगाकर उसी के आधार पर नया बिल तैयार किया जाए. इसके साथ ही आयोग ने वाद खर्च के रूप में उपभोक्ता को 5 हजार रुपए देने का भी आदेश दिया था.

आदेश का पालन न करने पर जारी हुआ वारंट

आयोग के आदेश के बावजूद कार्रवाई न होने पर उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए केस्को एमडी के खिलाफ 10 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी कर दिया. अब मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी.

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