उत्तराखंड चुनाव से पहले BJP का बड़ा मिशन, विधायकों को 31 अक्टूबर तक जनता के बीच रहने का निर्देश
उत्तराखंड में पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने विधायकों को साफ संदेश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों को तेज करने के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ लगातार तालमेल बनाए रखें. सरकार की योजनाएं जमीन पर कितनी तेजी से उतर रही हैं, इसका आकलन अब विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर होगा.

नई दिल्ली: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायकों को प्रदर्शन सुधारने का एक और मौका दिया है. पार्टी हाईकमान ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी विधायक 31 अक्टूबर तक लगातार अपने विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहें और लंबित विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराएं.
भाजपा नेतृत्व ने विधायकों से जनता के बीच मौजूदगी बढ़ाने, सरकारी घोषणाओं को जमीन पर उतारने और विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा है. पार्टी अब अगले छह महीनों में विधायकों के प्रदर्शन का आकलन करेगी, जिसके बाद टिकट वितरण पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
नवंबर-दिसंबर में होंगे दो बड़े सर्वे
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व नवंबर और दिसंबर में दो नए सर्वे कराने जा रहा है. इन सर्वे रिपोर्ट्स को विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण का प्रमुख आधार माना जाएगा. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि फिलहाल पार्टी किसी मौजूदा विधायक का टिकट काटने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अंतिम निर्णय जीत की संभावना और जनता के फीडबैक के आधार पर लिया जाएगा.
अब तक हो चुके हैं तीन सर्वे
उत्तराखंड चुनाव को लेकर भाजपा अब तक तीन अलग-अलग स्तर के सर्वे करा चुकी है. इन रिपोर्ट्स में पार्टी की स्थिति मजबूत बताई गई है, लेकिन कई सीटों पर विधायकों के खिलाफ एंटी इंकंबेंसी का असर भी सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, एक दर्जन से अधिक विधायक ऐसे हैं जिनके प्रदर्शन को लेकर संगठन के भीतर चिंता बनी हुई है.
कम अंतर वाली सीटों पर भाजपा का खास फोकस
भाजपा संगठन को उन सीटों पर विशेष रणनीति के साथ काम करने को कहा गया है, जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में बेहद कम अंतर से जीत मिली थी. श्रीनगर, टिहरी, गदरपुर और नरेंद्रनगर जैसी सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर 587 से 1798 वोट तक रहा था. वहीं चकराता, भगवानपुर, पिरान कलियर और धारचूला जैसी सीटों पर पार्टी अब तक जीत हासिल नहीं कर सकी है. पार्टी नेतृत्व ने कांग्रेस के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली सीटों पर भी संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
25 दिनों में 7300 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी
चुनाव से पहले भाजपा विधायक अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी तेजी से योजनाओं को मंजूरी दे रहे हैं. 21 अप्रैल से अब तक केवल 25 दिनों में 7300.28 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई है. इनमें सड़क, बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं प्रमुख हैं.
घोषणाओं को पूरा करने पर सरकार का जोर
सरकार का फोकस पिछले साढ़े चार वर्षों में की गई घोषणाओं को पूरा करने पर भी है. मुख्यमंत्री की ओर से इस दौरान कुल 4,323 घोषणाएं की गई थीं. इनमें से 2,444 महत्वपूर्ण घोषणाओं के शासनादेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी घोषणाओं के जीओ 15 जून तक जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.
हर सीट पर जीत लक्ष्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सभी विधायकों को अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, भाजपा का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर जीत हासिल करना है. उन्होंने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान पर विशेष फोकस किया जा रहा है.
मंत्री और विधायक दोनों मैदान में सक्रिय
हाईकमान के निर्देशों के बाद राज्य सरकार के मंत्री और विधायक दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय हो गए हैं. बैठकों, निरीक्षणों और लंबित योजनाओं की समीक्षा लगातार की जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के लगातार दौरे कर रहे हैं. पार्टी को उम्मीद है कि इसका सीधा राजनीतिक लाभ आगामी चुनाव में मिलेगा.


