IPL 2026 का भी होगा पाकिस्तान सुपर लीग जैसा हाल! पेट्रोल-डीजल संकट की वजह से बिना दर्शकों के मुकाबले कराने की हुई मांग
आईपीएल के बचे मैचों को बिना दर्शकों के सीमित स्टेडियमों में कराने की मांग करते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखा है.

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में टीमों की लगातार हवाई और सड़क यात्राओं ने ईंधन की भारी खपत कर दी है. 31 मार्च से शुरू हुए इस सीजन में अब तक टीमों ने लाखों किलोमीटर की दूरी तय कर ली है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखा है.
CTI ने की ये बड़ी मांग
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने रविवार 17 मई को खेल मंत्री को पत्र लिखकर IPL के बचे हुए मैचों के लिए नया शेड्यूल बनाने की अपील की. उन्होंने मांग की है कि मैच सीमित स्टेडियमों में कराए जाएं और दर्शकों के बिना खेला जाए. इससे देश में ईंधन की बचत होगी और सरकार पर अनावश्यक बोझ भी कम पड़ेगा.
बच सकता है हजारों लीटर ईंधन
एक मैच में औसतन 50 हजार दर्शक आते हैं, जिनकी आवाजाही से हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल खर्च होता है. इसके अलावा टीमों की चार्टर्ड उड़ानों का खर्च और भी ज्यादा है. बोइंग 737 या एयरबस A320 जैसे विमान औसतन 2400 से 3000 लीटर ईंधन प्रति घंटा जलाते हैं. दो घंटे की उड़ान में यह खपत 5000 से 6000 लीटर तक पहुंच जाती है. अगर दूरी ज्यादा हो तो 7000-8000 लीटर तक ईंधन लग सकता है.
CTI के अनुसार, हर टीम की करीब 10 हवाई यात्राओं को देखें तो एक टीम अकेले 50,000 से 70,000 लीटर एविएशन फ्यूल खर्च कर रही है. पूरे IPL को मिलाकर यह आंकड़ा बहुत बड़ा है.
कोरोना काल का उदाहरण
कोरोना महामारी के समय भी IPL को सीमित मैदानों पर बिना दर्शकों के सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था. CTI का कहना है कि मौजूदा समय में जब सरकार फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है, तब IPL को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए.
देशहित में फैसला जरूरी
बृजेश गोयल ने पत्र में कहा कि हर विभाग, अधिकारी और आम नागरिक बचत का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में IPL जैसा बड़ा आयोजन भी इस अभियान का हिस्सा बने. बिना दर्शकों के मैच कराने से न सिर्फ ईंधन बचेगा बल्कि सुरक्षा और व्यवस्था का खर्च भी कम होगा.
यह मांग ऐसे समय में आई है जब देश आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है. अगर सरकार और BCCI इस सुझाव पर अमल करते हैं तो पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को फायदा पहुंचेगा.


