जनगणना 2027 के पहले चरण में आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा? देखें सवालों की पूरी लिस्ट

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण की अधिसूचना जारी की है. 1 अप्रैल से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में 33 सवाल पूछे जाएंगे. इंटरनेट, मोबाइल और अनाज खपत जैसे नए विषय जोड़े गए हैं, जबकि बैंकिंग से जुड़ा प्रश्न हटाया गया है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने गुरुवार को भारत की आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की. इस चरण को ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग एन्यूमरेशन’ कहा जाता है. सरकार ने इस प्रक्रिया के तहत पूछे जाने वाले 33 सवालों की सूची सार्वजनिक की है, जिनके आधार पर देशभर में घरों और परिवारों से जुड़ा डाटा इकट्ठा किया जाएगा.

1 अप्रैल से शुरू होगी पहली चरण की जनगणना

जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा. यह प्रक्रिया प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में उनके द्वारा चुने गए 30 दिनों की अवधि में पूरी की जाएगी. इसके अलावा, सरकार ने लोगों को स्वयं जानकारी दर्ज करने (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया है, जो निर्धारित 30 दिनों की अवधि से पहले 15 दिनों तक उपलब्ध रहेगा.

नए सवाल जोड़े गए, पुराने हटाए गए

इस बार की जनगणना में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं. सरकार ने इंटरनेट की उपलब्धता, मोबाइल नंबर और परिवार में खपत किए जाने वाले मुख्य अनाज से जुड़े सवाल अलग से शामिल किए हैं. वहीं, 2011 की जनगणना में पूछे गए बैंकिंग सेवाओं से संबंधित सवाल को इस बार हटा दिया गया है. इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल युग और बदलती जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए अधिक प्रासंगिक जानकारी जुटाना है.

कोविड के कारण हुई थी देरी

गौरतलब है कि जनगणना मूल रूप से वर्ष 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया. बाद में सरकार ने इसे नए सिरे से 2027 के लिए निर्धारित किया. इसके साथ ही जाति आधारित आंकड़े जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स ने 30 अप्रैल को स्वीकृति दी थी.

आंकड़े जारी होने में लगेंगे दो से तीन साल

हालांकि जनगणना के तहत डाटा संग्रह की प्रक्रिया 1 मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार आंकड़ों को संकलित करने, विश्लेषण करने और सार्वजनिक करने में दो से तीन साल का समय लग सकता है. इसका कारण डाटा की विशाल मात्रा और उसकी सत्यता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है.

जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले सवाल

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भारत की जनगणना 2027 के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए पूछे जाने वाले प्रश्नों की पूरी सूची यहां दी गई है-

  • भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या).
  • जनगणना मकान संख्या.
  • जनगणना मकान के फर्श की प्रमुख सामग्री.
  • जनगणना मकान की दीवार की प्रमुख सामग्री
  • जनगणना भवन की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री.
  • जनगणना भवन के उपयोग का पता लगाएं.
  • जनगणना गृह की स्थिति.
  • परिवार संख्या.
  • घर में रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या.
  • परिवार के मुखिया का नाम
  • घर के मुखिया का लिंग.
  • क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है?
  • जनगणना गृह की स्वामित्व स्थिति.
  • परिवार के स्वामित्व में मौजूद रहने वाले कमरों की संख्या.
  • घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या.
  • पेयजल का मुख्य स्रोत.
  • पेयजल स्रोत की उपलब्धता.
  • प्रकाश का मुख्य स्रोत.
  • शौचालय तक पहुंच.
  • शौचालय का प्रकार.
  • अपशिष्ट जल निकास.
  • स्नान सुविधा की उपलब्धता
  • रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता.
  • खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन.
  • रेडियो/ट्रांजिस्टर.
  • टेलीविजन.
  • इंटरनेट की सुविधा.
  • लैपटॉप/कंप्यूटर
  • टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन.
  • साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड.
  • कार/जीप/वैन
  • घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज.
  • मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संचार के लिए).

डिजिटल संपर्क पर विशेष जोर

इस बार मोबाइल नंबर केवल जनगणना से संबंधित संवाद के लिए लिया जाएगा. साथ ही इंटरनेट, स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की उपलब्धता से यह आकलन किया जाएगा कि देश में डिजिटल पहुंच किस स्तर तक पहुंच चुकी है.

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