2026 में चांदी की चमक: निवेशकों का रुझान क्यों बदल रहा है?
2026 में चांदी की कीमतों में तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है, जहां यह सोने के विकल्प के रूप में उभरती निवेश धातु बनती दिख रही है.
नई दिल्ली: 2026 में चांदी निवेशकों की पहली पसंद बनती नजर आ रही है, जिसकी सबसे बड़ी वजह इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग है. हरितदि ऊर्जा के क्षेत्र में सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी की खपत तेजी से बढ़ रही है. इसके अलावा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में चांदी को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में भी देखा जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की तुलना में चांदी अभी भी अपेक्षाकृत सस्ती यानी undervalued है, जिससे इसमें बेहतर रिटर्न की संभावना बनी हुई है. हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली और कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना हुआ है. ऐसे में निवेशकों को सावधानी बरतने और सीधे फिजिकल सिल्वर की बजाय सिल्वर ETF जैसे विकल्पों के जरिए निवेश करने की सलाह दी जा रही है.


