क्या 2026 में खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? दावोस में ट्रंप ने जेलेस्की से की मुलाकात, जल्द पुतिन के साथ भी होगी बैठक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की और रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति पर जोर दिया. उन्होंने पुतिन से जल्द बैठक की संभावना जताई और नाटो पर अमेरिका के खर्चों को सीमित करने की आलोचना की.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के दौरान अपने यूक्रेनी समकक्ष वोल्दोमीर जेलेंस्की से मुलाकात की. इस मुलाकात में ट्रंप ने जोर देकर कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब समाप्त होना चाहिए. 79 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ने यह भी संकेत दिया कि वह जल्द ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे. वह फरवरी 2022 से चल रहे इस संघर्ष को खत्म करने के उपायों पर चर्चा करेंगे.
ट्रंप ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की. बैठक अच्छी रही. हम आज या कल राष्ट्रपति पुतिन से मिलेंगे. युद्ध समाप्त होना चाहिए. बहुत से लोग मारे गए हैं.
पुतिन के साथ संभावित बैठक
ट्रंप और पुतिन की पिछली बैठक अगस्त 2025 में अलास्का में हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने संवाद को सकारात्मक बताया था और भविष्य में एक और बैठक का वादा किया था. दावोस में ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की के बीच त्रिपक्षीय बैठक की संभावना का भी संकेत दिया. हालांकि, अलास्का सम्मेलन के बाद से बातचीत में कई बार अड़चनें आई हैं और ट्रंप कभी-कभी रूसी पक्ष की आलोचना करते भी दिखाई दिए हैं.
अमेरिकी विशेष दूत ने वार्ता की स्थिति बताई
यूक्रेन-रूस वार्ता की वर्तमान स्थिति पर अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि सभी पक्षों ने काफी प्रगति की है और वार्ता अब केवल एक मुद्दे पर सिमट गई है. विटकॉफ ने कहा कि यह यात्रा केवल एक दिन की होगी और दोनों रात मॉस्को में नहीं रुकेंगे.
विटकॉफ ने दावोस में कहा कि हमने इसे एक मुद्दे तक सीमित कर दिया है और उसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की है. यदि दोनों पक्ष इसे हल करने की इच्छा रखते हैं, तो इसे हल किया जा सकता है.
ट्रंप ने उठाए नाटो पर सवाल
दावोस में ट्रंप ने नाटो (NATO) की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी हित में नहीं है और अमेरिका यूक्रेन के युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं होना चाहिए. ट्रंप ने कहा कि इस सारे काम और पैसे से अमेरिका को क्या मिलता है, सिवाय मौत, तबाही और नकदी के उन लोगों को देने के जो हमारे काम की कद्र नहीं करते. मैं नाटो की बात कर रहा हूं, मैं यूरोप की बात कर रहा हूं.
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनका दृष्टिकोण अमेरिकी संसाधनों की बचत और युद्ध से जुड़े खर्चों को नियंत्रित करने पर आधारित है. उनका मानना है कि अमेरिका को यूरोप के मामलों में बहुत अधिक आर्थिक और सैन्य बोझ नहीं उठाना चाहिए.


