क्या ईरान पर होगा हमला? अमेरिका ने तैयार किया भारी हथियारों का जखीरा, इजराइल ने भी शुरू की युद्ध की तैयारी

ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने विमानवाहक पोत, लड़ाकू विमान और मिसाइल रक्षा तैनात कर सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है. इज़राइल हाई अलर्ट पर है, जबकि ट्रंप के मिले-जुले बयानों से युद्ध की आशंका बनी हुई है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः ईरान में हालिया प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत के बाद मध्य पूर्व में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करना शुरू कर दिया है. विमानवाहक पोत, लड़ाकू विमान और मिसाइल रक्षा प्रणालियों की तैनाती इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है.

CENTCOM को किया जा रहा मजबूत

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अभियानों की जिम्मेदारी संभालने वाली यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को अतिरिक्त सैन्य संसाधन उपलब्ध कराए हैं. एफ-15ई स्ट्राइक ईगल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों को जॉर्डन में तैनात किया गया है, जबकि विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को रणनीतिक रूप से ईरान के नजदीक लाया जा रहा है. इसके साथ ही हवाई ईंधन भरने वाले और मालवाहक विमान भी सक्रिय किए गए हैं.

ट्रंप के बयान से बढ़ा असमंजस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस पूरे मामले में मिले-जुले संकेत सामने आ रहे हैं. दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी. ट्रंप का दावा है कि उनके दबाव के कारण ईरान ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना फिलहाल टाल दी है. हालांकि, उनके बयानों में कभी नरमी तो कभी सख्ती दिख रही है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है.

ईरान में बिगड़ते हालात 

इंटरनेट बंदी और संचार प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से हिंसा और दमन की गंभीर खबरें सामने आ रही हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अशांति के दौरान अब तक करीब 5,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सैकड़ों सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है.

इजराइल हाई अलर्ट पर

अमेरिका की सैन्य हलचल के बीच इज़राइल ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं. इज़राइली मीडिया के अनुसार, देश की रक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही हैं. इज़राइल को आशंका है कि ईरान अप्रत्यक्ष रूप से मिसाइल या अन्य हमलों के जरिए उसे संघर्ष में घसीट सकता है.

ईरान की चेतावनी

ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ तो उसका जवाब सीमित नहीं होगा. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से पूरा मध्य पूर्व एक बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है. उनका आरोप है कि कुछ ताकतें जानबूझकर अमेरिका को टकराव की ओर धकेल रही हैं.

क्षेत्र में मिसाइल रक्षा मजबूत

अमेरिका ने इजराइल, कतर और जॉर्डन जैसे देशों में थाड और पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणालियों की अतिरिक्त तैनाती की है. इससे यह संकेत मिलता है कि वाशिंगटन संभावित जवाबी हमलों को लेकर गंभीर है और अपने सहयोगियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है.

क्या टलेगा युद्ध?

हालांकि अभी तक किसी सैन्य हमले को औपचारिक मंजूरी नहीं दी गई है, लेकिन अमेरिका की तेज सैन्य तैनाती, इज़राइल की बढ़ी सतर्कता और ट्रंप के बदलते रुख ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति कभी भी पलट सकती है और क्षेत्र में किसी बड़े संघर्ष की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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