भारत में पटरियों पर कब दौड़ेगी बुलेट ट्रेन? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर दिया तारीख का ऐलान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना 15 अगस्त 2027 तक पूरी होगी. सेवा चरणों में शुरू होगी, पहले सूरत–बिलिमोरा, फिर गुजरात के अन्य हिस्सों और अंत में मुंबई तक विस्तार होगा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर एक बार फिर सरकार ने बड़ा बयान दिया है. रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है. उनके अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना 15 अगस्त 2027 तक पूरी हो जाएगी. इस परियोजना को देश की आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

कब पूरा होगा पहला चरण?

रेलवे मंत्री ने जानकारी दी कि बुलेट ट्रेन सेवा को एक साथ पूरे रूट पर शुरू नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे चरणों में शुरू किया जाएगा. सबसे पहले गुजरात के सूरत से बिलिमोरा तक का सेक्शन यात्रियों के लिए खोला जाएगा. इसके बाद धीरे-धीरे अन्य हिस्सों को जोड़ा जाएगा, ताकि तकनीकी और सुरक्षा मानकों की पूरी तरह से जांच की जा सके.

सूरत से बिलिमोरा बनेगा पहला चालू सेक्शन

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, परियोजना का पहला परिचालन सूरत से बिलिमोरा के बीच शुरू होगा. यह हिस्सा अपेक्षाकृत जल्दी तैयार होने वाला है. इस सेक्शन के शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को तेज़ और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा, साथ ही बुलेट ट्रेन तकनीक की वास्तविक उपयोगिता भी सामने आएगी.

गुजरात के प्रमुख शहरों को जोड़ेगा हाई-स्पीड नेटवर्क

सूरत–बिलिमोरा के बाद वापी से सूरत तक का सेक्शन चालू किया जाएगा. इसके बाद वापी से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने की योजना है. गुजरात के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहरों को जोड़ने वाला यह हाई-स्पीड नेटवर्क राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा. समय की बचत और बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.

मुंबई तक पहुंचेगी बुलेट ट्रेन

रेल मंत्री ने बताया कि गुजरात के सेक्शन पूरे होने के बाद ठाणे से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी. अंतिम चरण में मुंबई से अहमदाबाद तक पूरी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होगी. यह रूट देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है. बुलेट ट्रेन के शुरू होने से इस दूरी को कुछ ही घंटों में तय किया जा सकेगा.

भविष्य की तैयारी

मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें सुरक्षा, गति और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है. सरकार का मानना है कि यह परियोजना न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि भारत को हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर भी स्थापित करेगी.

देश के लिए एक अहम कदम

रेलवे मंत्री के बयान से साफ है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर है और इसे तय समय पर पूरा करने का प्रयास कर रही है. बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत के परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. आने वाले वर्षों में यह परियोजना देश की छवि और कनेक्टिविटी दोनों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है.

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