कौन थे अग्निवेश अग्रवाल? 49 की उम्र में हार्ट अटैक से हुई मौत, PM मोदी ने भी जताया शोक
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल की अचानक मौत की खबर से इंडस्ट्री और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है. 49 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया.

नई दिल्ली: वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन की खबर ने उद्योग जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक शोक की लहर दौड़ा दी है. 49 वर्ष की उम्र में हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया. अनिल अग्रवाल ने इसे अमेरिका में हुई एक स्कीइंग दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान हुई "चिकित्सकीय विफलता" बताया है.
बुधवार को अपने बेटे के निधन की जानकारी साझा करते हुए अनिल अग्रवाल ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे “काला दिन” है. उन्होंने अपने दर्द को शब्दों में बयां करते हुए बताया कि हालात सामान्य होते दिख रहे थे, लेकिन अचानक आए दिल के दौरे ने सब कुछ छीन लिया.
कौन थे अग्निवेश अग्रवाल?
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था. वे न केवल एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय स्वभाव के व्यक्ति के रूप में भी जाने जाते थे. उनकी शुरुआती शिक्षा राजस्थान के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज, अजमेर में हुई.
पढ़ाई पूरी करने के बाद अग्निवेश ने कारोबारी दुनिया में कदम रखा और फुजैराह गोल्ड की स्थापना की. इसके बाद वे वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान जिंक के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके थे.
अमेरिका में इलाज के दौरान हुआ निधन
अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि अग्निवेश का न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज चल रहा था. हाल ही में हुई स्कीइंग दुर्घटना के बाद उनके खतरे से बाहर होने की उम्मीद जताई जा रही थी.
उन्होंने लिखा,"हमें लगा था कि सबसे बुरा समय बीत चुका है. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और अचानक दिल का दौरा पड़ने से हमारा बेटा हमसे छीन लिया गया. अपने बच्चे को अलविदा कहने वाले माता-पिता के दर्द को शब्दों में बयान करना नामुमकिन है."
बेटे से ज्यादा दोस्त थे अग्निवेश
अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे को याद करते हुए लिखा,"अग्निवेश कई गुणों से संपन्न थे. एक खिलाड़ी, एक संगीतकार, एक नेता… फिर भी, तमाम उपलब्धियों से परे वे सरल, स्नेही और गहरे मानवीय स्वभाव के थे."
उन्होंने कहा कि अग्निवेश केवल उनके बेटे ही नहीं, बल्कि उनके "मित्र", "गर्व" और "दुनिया" थे. इस दुख की घड़ी में उन्होंने यह भी कहा कि वेदांता समूह में काम करने वाले हजारों युवा उन्हें अपने ही बच्चों जैसे लगते हैं.
समाज के लिए बड़ा सपना
अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनका और अग्निवेश का एक साझा सपना था की कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, हर महिला आत्मनिर्भर बने और हर युवा को सार्थक रोजगार मिले. उन्होंने लिखा कि अग्निवेश ने वादा किया था कि उनकी कमाई का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को वापस दिया जाएगा.
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने X पर लिखा,"अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत स्तब्ध और दुखद है. इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि में आपके गहरे शोक का भाव स्पष्ट है. प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को निरंतर शक्ति और साहस मिले. ओम शांति."
दोस्तों और शुभचिंतकों का जताया आभार
अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में उन सभी दोस्तों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया जो इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहे. उन्होंने लिखा कि अग्निवेश के सामने पूरी जिंदगी पड़ी थी और कई सपने अभी अधूरे थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी.


