अमेरिका-कोलंबिया तनाव के बीच, ट्रंप ने गुस्तावो पेट्रो को व्हाइट हाउस में किया आमंत्रित
ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के बीच तनाव के बाद अचानक कूटनीतिक मोड़ आया है. ट्रंप ने पेट्रो को वाइट हाउस में बातचीत के लिए न्योता भेजा, जिसमें ड्रग्स नीति और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होगी.

नई दिल्ली: कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख एक बार फिर चर्चा में है. जिन पेट्रो को ट्रंप कुछ समय पहले तक सार्वजनिक तौर पर निशाने पर लेते रहे, यहां तक कि मानसिक रूप से 'बीमार' तक कह चुके थे, अब उसी नेता को उन्होंने बातचीत के लिए वाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ट्रंप लगातार कोलंबिया पर वेनेजुएला की तर्ज पर नशीली दवाओं की तस्करी को बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं. वहीं, गुस्तावो पेट्रो भी ट्रंप के मुखर वैचारिक विरोधियों में गिने जाते हैं. ऐसे में दोनों नेताओं के बीच अचानक संवाद और मुलाकात का प्रस्ताव कूटनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर रहा है.
ट्रंप ने खुद दी मुलाकात की जानकारी
बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच नशीली दवाओं के खिलाफ नीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई है. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने लिखा, "कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो से बात करने का अवसर मिला. उन्होंने ड्रग्स की स्थिति और हमारे बीच हुए अन्य मतभेदों को समझाने के लिए फोन किया था. मैंने उनके फोन और लहजे की सराहना की और जल्द ही उनसे मिलने की उम्मीद करता हूं."
ट्रंप के इस बयान को दोनों देशों के रिश्तों में संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
वेनेजुएला के मुद्दे पर भी हुई बात
वहीं, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने बोगोटा में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान वेनेजुएला से जुड़े हालात पर भी चर्चा हुई. पेट्रो के मुताबिक, यह संवाद सिर्फ द्विपक्षीय तनाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय हालात पर भी दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी राय रखी.
45 मिनट तक चली फोन कॉल
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह फोन कॉल कोलंबिया के अमेरिका में राजदूत डैनियल गार्सिया-पेना की पहल पर संभव हो सकी. बताया जा रहा है कि गार्सिया-पेना के अमेरिका में अच्छे राजनीतिक संपर्क हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और पेट्रो के बीच यह बातचीत करीब 45 मिनट तक चली.
एक साल में कैसे बिगड़े रिश्ते
गौरतलब है कि पिछले एक साल में डोनाल्ड ट्रंप और गुस्तावो पेट्रो के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण रहे हैं. सितंबर में हालात तब और बिगड़ गए थे, जब पेट्रो ने अपने सैनिकों से ट्रंप के आदेशों का पालन न करने की बात कही थी. इसके बाद अमेरिका ने पेट्रो का वीजा रद्द कर दिया था.
इसके साथ ही वाशिंगटन ने कथित तौर पर ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने के आरोप में पेट्रो और उनके करीबी लोगों पर व्यक्तिगत प्रतिबंध भी लगाए थे. ऐसे में अब ट्रंप का वाइट हाउस न्योता दोनों देशों के रिश्तों में एक नए मोड़ की ओर इशारा करता है.


