मेरठ की गजक: स्वाद, परंपरा और मेहनत का संगम, जिसे मिला GI टैग

मेरठ की मशहूर नानखटाई तो ज्यादातर लोगों ने सुनी या खाई होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेरठ की गजक भी कमाल की फेमस है? ये वो खास मिठाई है, जिसका स्वाद और बनावट इतना अनोखा है कि अब इसे GI टैग भी मिल गया है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: मेरठ की पहचान सिर्फ नानखटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की गजक भी देश-दुनिया में अपने खास स्वाद के लिए जानी जाती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इस पारंपरिक मिठाई ने वर्षों की मेहनत, मौसम की खासियत और कारीगरों की कला के दम पर अलग पहचान बनाई है. सर्दियों की शुरुआत होते ही मेरठ की गलियों में गजक बनने की खुशबू फैल जाती है, जो अपने आप में एक एहसास बन चुकी है.

यही खासियत मेरठ की गजक को सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत बनाती है. इसकी लोकप्रियता अब भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है. इसी अनोखेपन और पारंपरिक पहचान को देखते हुए मेरठ की गजक को जीआई टैग दिया गया है.

तिल और गुड़ से बना देसी स्वाद

मेरठ की गजक मुख्य रूप से तिल और गुड़ या शक्कर से तैयार की जाती है. सर्दियों के मौसम में इसका सेवन खास तौर पर किया जाता है. ठंड के मौसम में बनने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा देने वाली भी मानी जाती है.

खांटी देसी तरीका बनाता है इसे खास

मेरठ की गजक की सबसे बड़ी खासियत इसका पारंपरिक बनाने का तरीका है. इसे खुले मौसम में, सही ठंडक के बीच हाथों से कूट-पीट कर, बार-बार मोड़ते हुए तैयार किया जाता है. मशीनों से बनी गजक में वह कुरकुरापन और बनावट नहीं आ पाती, जो हाथ से बनी मेरठ की गजक में होती है. यही कारण है कि इसका स्वाद सबसे अलग और यादगार बन जाता है.

अनुभवी कारीगरों की बारीक कला

यहां के कारीगर पीढ़ियों से इस कला को संभाले हुए हैं. वे इतनी बारीकी से गजक की परतें जमाते हैं कि मुंह में रखते ही वह खनक के साथ टूटती है और तिल-गुड़ का स्वाद धीरे-धीरे घुल जाता है. यही पारंपरिक हुनर मेरठ की गजक को खास बनाता है.

55 से ज्यादा वैरायटी, हर स्वाद के लिए कुछ खास

मेरठ में सिर्फ एक नहीं, बल्कि करीब 55 तरह की गजक बनाई जाती है. सर्दियों में ये गजक न केवल शरीर को गर्म रखती हैं, बल्कि स्वाद का भी खास अनुभव देती हैं. इनमें से कुछ प्रमुख किस्में लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हैं.

काजू गजक

काजू गजक को प्रीमियम श्रेणी की गजक माना जाता है. इसमें उच्च गुणवत्ता वाले काजू का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद बेहद रिच और पौष्टिक हो जाता है. त्योहारों और उपहार के लिए इसे खास पसंद किया जाता है.

चॉकलेट गजक

चॉकलेट गजक खासतौर पर बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है. इसमें पारंपरिक गजक के साथ चॉकलेट का फ्लेवर जोड़ा जाता है, जिससे कुरकुरेपन के साथ मिठास का नया स्वाद मिलता है.

मलाई गजक

मलाई गजक अपनी नरम और मुलायम बनावट के लिए जानी जाती है. इसका क्रीमी स्वाद खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को खूब पसंद आता है.

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