अफगानिस्तान का पलटवार, काबुल हमलों के बाद इस्लामाबाद के ‘हमजा’ सैन्य ठिकाने पर एयरस्ट्राइक
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसके ड्रोन ने इस्लामाबाद के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया. पाकिस्तान ने पुष्टि नहीं की, लेकिन राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. सीमा विवाद को लेकर कई दिनों से चल रही तनातनी अब खुले सैन्य टकराव में बदलती नजर आ रही है. दोनों देश एक-दूसरे पर हमलों के आरोप लगा रहे हैं. इसी बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है.
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अफगान वायुसेना ने इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में स्थित “हमजा” नाम के एक रणनीतिक सैन्य केंद्र पर हवाई हमला किया. मंत्रालय के अनुसार, इस ऑपरेशन में ड्रोन विमान का इस्तेमाल किया गया और सैन्य परिसर के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया.
अफगान अधिकारियों का कहना है कि इस हमले से पाकिस्तान की सेना को बड़ा नुकसान हुआ है. मंत्रालय के दावे के मुताबिक, हमले में कमांड सेंटर, हथियारों के डिपो और सैनिकों के रहने के लिए बने क्वार्टर जैसे कई सैन्य ढांचे तबाह हो गए.
डुरंड लाइन विवाद से बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डुरंड लाइन को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में सीमा के आसपास दोनों देशों की सेनाओं के बीच हवाई और मोर्टार हमलों की खबरें सामने आई थीं. इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बन गया है.
पाकिस्तान का दावा: आतंकियों के ठिकानों पर हमला
इससे पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, पक्तिया और कंधार के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए थे. पाकिस्तान का कहना था कि इन हमलों का लक्ष्य आतंकवादी ठिकाने थे. पाकिस्तान ने इस सैन्य अभियान को “गजब लिल हक” नाम दिया था. हालांकि अफगानिस्तान ने इन दावों को खारिज कर दिया. तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के हमले रिहायशी इलाकों में हुए, जिनमें आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा. अफगान अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और महिलाओं व बच्चों सहित कई लोग घायल हो गए.
संयुक्त राष्ट्र की चिंता
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने भी हमलों को लेकर चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक काबुल के पुल-ए-चरखी इलाके में हुए हमलों में आम नागरिकों को जान-माल का नुकसान हुआ. संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.
तालिबान की चेतावनी
तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की इस कार्रवाई का जवाब जरूर दिया जाएगा.
पाकिस्तान ने नहीं की पुष्टि
अफगानिस्तान द्वारा इस्लामाबाद में “हमजा” सैन्य ठिकाने पर हमले के दावे के बावजूद पाकिस्तान की सरकार या सेना ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. हालांकि घटना के बाद राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने शहर में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाने और कड़ी जांच के आदेश दिए हैं. कई एंट्री पॉइंट्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.
चीन की कूटनीतिक पहल
बढ़ते तनाव के बीच चीन ने दोनों देशों के बीच शांति बहाल कराने की कोशिशें तेज कर दी हैं. अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मुल्ला अमीर खान मुत्ताकी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर बातचीत की. चीन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और सैन्य टकराव से बचने की अपील की है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच यह टकराव और बढ़ता है, तो पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है.


