अमेरिका का F-35, फाइटर जेट या फ्लाइंग डिजास्टर? एक बार फिर हुआ भयानक क्रैश, देखें वीडियो

अमेरिका का F-35 स्टील्थ फाइटर जेट एक बार फिर अलास्का में क्रैश हो गया, हालांकि पायलट समय रहते बच गया. यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी न्यू मैक्सिको में हादसा हुआ था, जिससे इसकी तकनीकी खामियों और मेंटिनेंस लागत को लेकर सवाल उठे हैं.

Simran Sachdeva

अमेरिका का F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान एक बार फिर हादसे का शिकार हो गया. इसे दुनिया का सबसे ताकतवर विमान माना जाता है. अलास्का के ईल्सन एयरबेस पर यह विमान रनवे के पास चक्कर खाते हुए जमीन पर गिर गया. हालांकि, हादसे के वक्त पायलट समय रहते विमान से निकल गया और उसकी जान बाल-बाल बच गई. 

अलास्का में हुआ हादसा, वीडियो आया सामने

यह दुर्घटना ईल्सन एएफबी एयरबेस पर हुई, जहां दर्जनों एफ-35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर्स तैनात हैं. हादसे का ड्रामेटिक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि विमान रनवे के पास गिरते ही आग के गोले में बदल जाता है और आसमान में धुएं का गुबार उठता है. वीडियो में पास ही एक पैराशूट भी दिखाई देता है, जो संकेत देता है कि पायलट ने वक्त रहते खुद को बचा लिया. 

अमेरिकी वायुसेना का बयान

अमेरिकी एयरफोर्स की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि पायलट सुरक्षित है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. 354वें फाइटर विंग के कमांडर कर्नल पॉल टाउनसेंड ने कहा कि हमारे लोग हमारे सबसे महत्वपूर्ण संसाधन हैं और हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. पहले भी हो चुके हैं हादसे – क्या एफ-35 में हैं गंभीर खामियां? यह पहली बार नहीं है जब एफ-35 लड़ाकू विमान क्रैश हुआ है. इससे पहले भी न्यू मैक्सिको में इसी तरह का हादसा हो चुका है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एफ-35 में कई तकनीकी खामियां हैं, जिनके कारण इसे उड़ाना जोखिम भरा हो सकता है.
इस विमान का रडार सिस्टम ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे ऑपरेशन में दिक्कतें आती हैं. इसके इंजन की क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. इसकी मेंटिनेंस लागत बेहद ज्यादा है, जिससे अमेरिकी सरकार को भारी खर्च उठाना पड़ता है. 

एफ-35 की कीमत और इसकी खासियत

एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट को अमेरिकी लॉकहीड मार्टिन कंपनी ने विकसित किया है. यह विमान 1.6 मैक की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और इसमें स्टील्थ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसे रडार से ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. 
कीमत: ₹684 करोड़ प्रति यूनिट
तकनीक: स्टील्थ टेक्नोलॉजी, लंबी दूरी की मारक क्षमता
विशेषता: मिसाइलों को बॉडी में फिट करने की सुविधा

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो