ईरान युद्ध में अमेरिका की जीत का दावा, ट्रंप बोले- "पहले ही घंटे में खेल खत्म हो गया था"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने संघर्ष के शुरुआती घंटे में ही बढ़त हासिल कर ली थी. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना तब तक अभियान जारी रखेगी जब तक मिशन पूरी तरह पूरा नहीं हो जाता.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस संघर्ष में प्रभावी रूप से जीत हासिल कर ली है और शुरुआती हमलों के कुछ ही घंटों में स्थिति स्पष्ट हो गई थी.

हालांकि जीत का दावा करने के बावजूद ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी सेना अपना मिशन पूरा होने तक पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन का लक्ष्य पूरी तरह हासिल होने तक सैन्य अभियान जारी रहेगा.

रैली में ट्रंप का बड़ा दावा

केंटकी के हेब्रोन में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने युद्ध के शुरुआती चरण में ही बढ़त हासिल कर ली थी.

उन्होंने समर्थकों से कहा, "जीत की घोषणा करना कभी भी जल्दबाजी नहीं होती.हम जीत गए,"

ट्रंप ने आगे कहा, "पहले ही घंटे में खेल खत्म हो गया था."

ईरान की नौसैनिक ताकत को नुकसान पहुंचाने का दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस अभियान के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसैनिक क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है.उन्होंने कहा, "हमने ईरान के 58 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया," और इसे तेहरान की सैन्य शक्ति पर बड़ा प्रहार बताया.

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम की कहानी

रैली के दौरान ट्रंप ने सैन्य अभियान के नाम को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन का नाम 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' रखा गया है.

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "क्या यह एक अच्छा नाम है? खैर, यह तभी अच्छा है जब आप जीतें और हम जीत चुके हैं," जिस पर मौजूद समर्थकों ने तालियां बजाईं.

ट्रंप ने बताया कि शुरुआत में उन्हें दिए गए कई नाम पसंद नहीं आए थे. उन्होंने कहा, "उन्होंने मुझे लगभग 20 नाम दिए, और मुझे नींद आने लगी. मुझे उनमें से कोई भी पसंद नहीं आया. फिर मैंने 'एपिक फ्यूरी' देखा. मैंने कहा, 'मुझे यह नाम पसंद है.'"

युद्ध की अवधि को लेकर सवाल

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहा है। यह संघर्ष लगभग दो सप्ताह पहले ईरान के सैन्य ढांचे और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर किए गए बड़े हमलों के बाद शुरू हुआ था.

जीत का दावा करने के बावजूद ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका अभी पीछे हटने के मूड में नहीं है.उन्होंने कहा, "हम जल्दी जाना नहीं चाहते, है ना? हमें काम पूरा करना ही होगा।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि इस अभियान के बाद ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है. एक समय उन्होंने यह भी कहा था कि "लक्ष्य साधने के लिए व्यावहारिक रूप से कुछ बचा ही नहीं है।"

तेल की कीमतों पर भी ट्रंप की टिप्पणी

सिनसिनाटी में डब्ल्यूकेआरसी-टीवी को दिए एक अलग साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि प्रशासन ऊर्जा कीमतों पर पड़ने वाले प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का इस्तेमाल कर सकता है.
उन्होंने कहा, “हम इसमें थोड़ी कमी करेंगे, जिससे कीमतें कम हो जाएंगी। मैंने इसे एक बार भरवाया है और मैं इसे फिर से भरवाऊंगा,”

ट्रंप ने स्वीकार किया कि युद्ध के कारण वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव आया है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी.उन्होंने कहा, "तेल की कीमतें गिरने लगेंगी और हम बहुत जल्द पटरी पर लौट आएंगे।"

ईरान के नेतृत्व को लेकर ट्रंप का बयान

इससे पहले ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर भी टिप्पणी की थी। ओहायो में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों से तेहरान की कमान संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है.
उन्होंने कहा, "हमने उनके नेतृत्व को दो बार ध्वस्त कर दिया है।"

ट्रंप ने आगे कहा कि अब ईरान में नया नेतृत्व उभर रहा है.उन्होंने कहा, "अब उनका एक नया समूह उभर रहा है। देखते हैं उनका क्या होता है।"

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