फिर डराने लगा कोरोना! 20 से ज्यादा देशों में बढ़े मामले, जानें क्या है नया वेरिएंट

भारत सहित दुनिया के 20 से ज्यादा देशों में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं. भारत में भी सक्रिय मरीजों की संख्या 1,000 का आंकड़ा पार कर चुकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि कोविड संक्रमण में दोबारा तेजी क्यों आ रही है. विशेषज्ञों ने इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट किया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, भारत समेत 20 से अधिक देशों में कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. हर दिन संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिससे एक बार फिर चिंता का माहौल बन गया है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वेरिएंट्स जैसे JN.1 और BA.2.86 अधिक संक्रामक जरूर हैं, लेकिन अब तक यह साबित नहीं हुआ है कि ये पहले के वेरिएंट्स से ज्यादा घातक हैं.

मेडिसन विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार ने क्या कहा?

फिर सवाल उठता है कि अगर ये वेरिएंट्स बहुत खतरनाक नहीं हैं, तो संक्रमण क्यों बढ़ रहा है? दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के मेडिसन विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, मौसमी बदलाव इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है. मानसून, उमस और गिरते तापमान के कारण वायरल बीमारियां तेजी से फैलती हैं. खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण सामान्य हो गए हैं, और ऐसे में कोविड का संक्रमण भी फैल सकता है. खासकर तब जब वायरस में लगातार म्यूटेशन हो रहा हो.

डॉ. अजीत का यह भी मानना है कि समय के साथ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आई है. पहले ली गई वैक्सीन की प्रभावशीलता भी अब घट चुकी है, जिससे संक्रमण की संभावना बढ़ गई है. बार-बार हो रहे म्यूटेशन के कारण नए वेरिएंट्स सामने आ रहे हैं, जो फिर से लोगों को संक्रमित कर सकते हैं.

हालांकि महामारी विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि स्थिति 2020 जैसी गंभीर नहीं है. मौजूदा संक्रमण सामान्य फ्लू की तरह है और अधिकतर मामलों में मरीजों को गंभीर लक्षण नहीं हो रहे हैं. फिर भी बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

सावधानी जरूरी

1. भीड़ में मास्क लगाएं

2. बुजुर्ग और बीमार लोग विशेष ध्यान रखें

3. हाथ धोने और खांसने-छींकने के शिष्टाचार का पालन करें

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